ट्रेडिंग-फ्रॉड में 72 साल के भरतभाई ने 35 करोड़ गंवाए:ब्रोकर 4 साल तक फर्जी स्टेटमेंट भेजकर 18% मुनाफा बताता रहा

व्यवसायप्रकाशित: 28/11/2025
bhaskar
ट्रेडिंग-फ्रॉड में 72 साल के भरतभाई ने 35 करोड़ गंवाए:ब्रोकर 4 साल तक फर्जी स्टेटमेंट भेजकर 18% मुनाफा बताता रहा

एक 72 साल के बुजुर्ग बिजनेसमैन को ट्रेडिंग स्कैम में 35 करोड़ रुपए गंवाने पड़े हैं। मुंबई के माटुंगा वेस्ट के रहने वाले भरत हरखचंद शाह ने ब्रोकरेज फर्म ग्लोब कैपिटल मार्केट लिमिटेड पर अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग का आरोप लगाया है। बुजर्ग बिजनेसमैन को चार साल इस फ्रॉड के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने FIR दर्ज कराई है। अब मुंबई पुलिस की इकॉनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) इसकी जांच कर रही है। धोखाधड़ी की इस पूरी कहानी को आसना भाषा में पढ़ें... 72 साल के भरतभाई शाह के पिताजी ने 70-80 के दशक में काफी सारे शेयर खरीदकर रखे थे। भरतभाई को मार्केट की ABC भी ठीक से नहीं आती। बस हर साल डिविडेंड आ जाता था, वही काफी था। 2020 की बात है। एक पुराने दोस्त मिले। बोले, ‘भाई, तुम्हारे शेयर तो यूं ही पड़े हैं। एक बहुत अच्छी ब्रोकरेज फर्म है- ग्लोब कैपिटल, इसमें अपने शेयर इनके पास (कोलैटरल) रख दो, ये लोग ट्रेडिंग करेंगे। तुम्हें कुछ नहीं करना, बस बैठे-बैठे हर साल 15-18% का मुनाफा आएगा।’ इस पर शाह ने खुद और पत्नी के नाम से ग्लोब कैपिटल के साथ डीमैट अकाउंट खोला और सारे पुराने शेयर इसमें ट्रांसफर कर दिए। फर्म से जुड़े लोगों ने उन्हें बताया कि कोई एक्स्ट्रा इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं है, पर्सनल गाइड्स मिलेंगे जो पोर्टफोलियो मैनेज करेंगे। इसके बाद कंपनी से दो लड़के आते हैं- अक्षय बरिया और करण सिरोया। इनको शाह का 'गाइड' बनाया गया। बोले, ‘अंकल, आप बिल्कुल टेंशन मत लो। हम आपका पोर्टफोलियो मैनेज करेंगे। शुरुआत में फोन पर ऑर्डर प्लेस करने को कहते थे। फिर घर पर आना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने शाह से OTP मांगना शुरू किया और धीरे-धीरे अकाउंट पर फुल कंट्रोल ले लिया। मार्च 2020 से जून 2024 तक हर साल जो स्टेटमेंट उन्हें ईमेल पर मिलता था, उसमें हमेशा “प्रॉफिट” दिखाया जाता था। इसलिए शाह को कोई शक नहीं हुआ। धोखाधड़ी का पता कैसा चला? जुलाई 2024 में अचानक ग्लोब कैपिटल के रिस्क मैनेजमेंट डिपार्टमेंट से फोन आया। आपके और आपकी पत्नी के अकाउंट में ₹35 करोड़ का डेबिट बैलेंस है। तुरंत पैसे जमा करें वरना सारे शेयर बेच दिए जाएंगे। जब शाह कंपनी पहुंचे तो पता चला कि उनके अकाउंट से बिना बताए करोड़ों के शेयर खरीदे-बेचे गए थे। बहुत सारे “सर्कुलर ट्रेड्स” (एक ही पार्टी से बार-बार खरीद-बिक्री) किए गए थे, जिससे अकाउंट लॉस में चला गया। अब शाह ने मजबूरी में बाकी शेयर बेचे और पूरा ₹35 करोड़ का कर्ज चुका दिया। कर्ज चुकाने के बाद बचे हुए शेयर उन्होंने दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर लिए। फिर जब उन्होंने ग्लोब कैपिटल की वेबसाइट से ओरिजिनल और पूरा ट्रेडिंग स्टेटमेंट डाउनलोड किया और उसे ईमेल पर मिले “प्रॉफिट” वाले स्टेटमेंट से मिलाया, तो सच सामने आया। दोनों में जमीन-आसमान का फर्क था। साथ ही पता चला कि NSE की तरफ से कई नोटिस आए थे, जिनका जवाब भी कंपनी ने शाह के नाम से दे दिया था, लेकिन शाह को कभी बताया तक नहीं गया। शाह ने कहा, “चार साल तक हमें झूठी तस्वीर दिखाई गई, जबकि असल में घाटा लगातार बढ़ता जा रहा था।” वनराई पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई शाह ने इसे “संगठित फाइनेंशियल फ्रॉड” बताया। उन्होंने वनराई पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। केस IPC की धारा 409 (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट), 420 (ठगी) समेत कई धाराओं में दर्ज हुआ। अब मुंबई पुलिस की इकॉनॉमिक ऑफेंस विंग को जांच सौंपी गई है।

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