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LIC ने ACC में हिस्सेदारी बढ़ाकर 10% से ज्यादा की:NBCC इंडिया में भी हिस्सेदारी खरीदी, जानें इन्वेस्टमेंट से जुड़ी डिटेल्स

व्यवसाय | LIC ने ACC में हिस्सेदारी बढ़ाकर 10% से ज्यादा की:NBCC इंडिया में भी हिस्सेदारी खरीदी, जानें इन्वेस्टमेंट से जुड़ी डिटेल्स

लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) ने अडाणी ग्रुप की सीमेंट कंपनी ACC लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 10% से ज्यादा कर लिया है। LIC ने ओपन मार्केट से ACC के 37 लाख से ज्यादा शेयर खरीदे हैं। इसी तरह LIC ने PSU स्टॉक NBCC इंडिया में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 4.5% कर दी है। ये खरीदारी हाल के महीनों में हुई हैं और रेगुलेटरी फाइलिंग में LIC ने आज (शुक्रवार, 28 नवंबर) इस बात की जानकारी दी है। LIC का ये मूवमेंट स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टरों की नजरों में आ गया है। ये बदलाव LIC के लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी का हिस्सा हो सकते हैं। ACC का शेयर आज 1.13% गिरकर 1,849 रुपए के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं NBCC का स्टॉक 0.19% गिरकर 117.20 रुपए पर कारोबार कर रहा है। ACC में LIC ने हिस्सेदारी कैसे बढ़ाई LIC ने ACC लिमिटेड में अपनी होल्डिंग को 8.58% से बढ़ाकर 10.59% कर दिया है। इसके लिए कंपनी ने 20 मई 2025 से 25 नवंबर 2025 के बीच 37,82,029 इक्विटी शेयर खरीदे, जो कंपनी के कुल इक्विटी का 2.01% हिस्सा है। इससे पहले LIC के पास 1,61,15,035 शेयर थे, जो अब बढ़कर 1,98,97,064 हो गए हैं। ये खरीदारी पूरी तरह ओपन मार्केट रूट से हुई है, ना तो ये कोई प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट था और ना ही राइट्स इश्यू या ऑफ-मार्केट ट्रांसफर था। रेगुलेटरी फाइलिंग में LIC ने साफ कहा है कि ये इन्वेस्टमेंट मार्केट बायिंग के जरिए ही किए गए हैं। ACC का शेयर एक साल में 15% गिरा ACC अडाणी ग्रुप की प्रमुख सीमेंट कंपनी है, जो कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मजबूत पोजीशन रखती है। लेकिन पिछले एक साल में इसका शेयर 15% से ज्यादा गिरा है और छह महीने में 3% नीचे आया। तीन महीने में 3% की बढ़त हुई, लेकिन पिछले महीने फ्लैट रहा। पांच साल के लिहाज से 9% का रिटर्न मिला है। कंपनी का मार्केट कैप 35 हजार करोड़ रुपए है। LIC ने NBCC इंडिया के भी शेयर्स खरीदे NBCC इंडिया में LIC ने 25 अप्रैल 2018 से 24 नवंबर 2025 तक 30,24,672 शेयर खरीदे, जो वोटिंग कैपिटल का 2.07% हिस्सा बनता है। इससे LIC की होल्डिंग 11,78,66,918 शेयर से बढ़कर 12,08,91,590 शेयर हो गई। लेकिन परसेंटेज 6.55% से घटकर 4.48% दिख रहा है। इसका कारण NBCC का वोटिंग कैपिटल बेस बढ़ना है, ये 18 करोड़ शेयर से बढ़कर 27 करोड़ हो गया। NBCC एक सेंट्रल PSU है, जो कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स और रियल एस्टेट डेवलपमेंट में काम करती है। इसका परफॉर्मेंस शानदार रहा है। पिछले एक साल में शेयर ने 18% रिटर्न दिया है। पिछले एक महीने में 6% की ग्रोथ रही। NBCC ने लॉन्ग टर्म में मल्टीबैगर रिटर्न दिया NBCC ने लॉन्ग टर्म में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। इसमें पांच साल में 575% की तेजी रही। कंपनी का मार्केट कैप 30 हजार करोड़ रुपए है। LIC ने फाइलिंग में बताया कि NBCC में भी ये शेयर ओपन मार्केट से ही लिए गए हैं। कोई स्पेशल डील या ट्रांसफर नहीं हुआ। इन्वेस्टमेंट के पीछे LIC की स्ट्रैटेजी क्या है? LIC भारत की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है और स्टॉक मार्केट में इसका पोर्टफोलियो बहुत बड़ा है। ये अक्सर ब्लू-चिप और ग्रोथ स्टॉक्स में इन्वेस्ट करती है। अडाणी ग्रुप कंपनियों में पहले से ही होल्डिंग थी, लेकिन ACC में 10% क्रॉस करना अहम कदम है। ये थ्रेशोल्ड क्रॉस होने पर रेगुलेटरी डिस्क्लोजर जरूरी होता है, जो LIC ने समय पर किया। NBCC के केस में लॉन्ग पीरियड की खरीदारी दिखाती है कि LIC सरकारी कंपनियों पर भरोसा रखती है। PSU स्टॉक्स में इन्वेस्टमेंट से डिविडेंड इनकम और स्टेबिलिटी मिलती है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये मूवमेंट इंफ्रा सेक्टर की ग्रोथ पर LIC का भरोसा दिखाता है। एक एनालिस्ट ने कहा कि LIC की ये खरीदारी सेक्टर रिकवरी के सिग्नल देती है, खासकर कंस्ट्रक्शन बूम के बीच। पिछले कुछ सालों में LIC ने कई बार स्टेक बढ़ाए हैं, जैसे रिलायंस और HDFC जैसे ग्रुप्स में। लेकिन अडाणी ग्रुप में ये बढ़त इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस को बूस्ट कर सकती है, भले ही शॉर्ट टर्म में शेयर प्रेशर में हों। दोनों स्टॉक्स पर आगे क्या असर होगा आज के ट्रेडिंग सेशन में ACC पर प्रेशर दिखा, लेकिन NBCC ने पॉजिटिव मूवमेंट किया। LIC की होल्डिंग बढ़ने से लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को सपोर्ट मिल सकता है। ACC के लिए सीमेंट डिमांड बढ़ने पर रिकवरी हो सकती है, क्योंकि अडाणी ग्रुप के प्रोजेक्ट्स तेज हैं। NBCC को सरकारी UDAN और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स से फायदा हो रहा है, जो आगे भी जारी रह सकता है। मार्केट सोर्सेज के मुताबिक, अगले क्वार्टर में इन स्टॉक्स पर नजर रखें। अगर ग्लोबल कंस्ट्रक्शन बूम चला, तो ACC 2,000 रुपए के ऊपर जा सकता है। NBCC का टारगेट 130-140 रुपए का माना जा रहा है। लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी रह सकती है।

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अप्रैल 2026 से 7 दिन में क्रेडिट स्कोर अपडेट होगा:अभी 15 दिन में होता है, बैंक और आम लोग दोनों को फायदा; जानें डिटेल्स

व्यवसाय | अप्रैल 2026 से 7 दिन में क्रेडिट स्कोर अपडेट होगा:अभी 15 दिन में होता है, बैंक और आम लोग दोनों को फायदा; जानें डिटेल्स

अप्रैल 2026 से क्रेडिट स्कोर अपडेट होने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सभी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों (CICS) को हर 7 दिन में क्रेडिट स्कोर अपडेट करना होगा। अभी स्कोर 15 दिन में एक बार अपडेट होता है। RBI ने इसे लेकर बीते दिनों ड्राफ्ट जारी किया था। RBI के प्रस्ताव के अनुसार, अब सिबिल और एक्सपीरियन जैसी सभी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों हर महीने डेटा पांच बार अपडेट करेंगी। ये अपडेट हर महीने की 7 तारीख, 14 तारीख, 21 तारीख, 28 तारीख और महीने की आखिरी तारीख को किए जाएंगे। इस आर्टिकल में हम देखेंगे कि क्रेडिट स्कोर हर हफ्ते अपडेट कैसे होंगे और इसका बैंक, NBFCs और आम ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा... नया सिस्टम कैसे काम करेगा? बैंकों को हर महीने की आखिरी तारीख तक की पूरी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन फाइल अगले महीने की 3 तारीख तक सभी CICs को जमा करना होगी। उदाहरण के लिए, 31 अक्टूबर 2025 तक का पूरा डेटा बैंक को 3 नवंबर 2025 तक CICs को देना होगा। इस फाइल में बैंक के पास मौजूद सभी एक्टिव खाते शामिल होंगे। वो खाते भी शामिल होंगे जिनमें ग्राहक और बैंक के बीच रिश्ता पिछले रिपोर्टिंग साइकिल के बाद खत्म हो चुका है। वहीं महीने के अंदर होने वाले वीकली सबमिशन (यानी 7, 14, 21 और 28 तारीख तक का क्रेडिट डेटा) में बैंक सिर्फ इंक्रीमेंटल डेटा ही CICs को देंगे, पूरा फाइल नहीं। इस इंक्रीमेंटल डेटा में ये चीजें शामिल होंगी: ये सारा इंक्रीमेंटल डेटा बैंक को ऊपर बताई तारीखों से सिर्फ 2 दिन के अंदर CICs को जमा करना होगा। मिसाल के तौर पर 7 तारीख तक का नया डेटा 9 तारीख तक, 14 तारीख तक का डेटा 16 तारीख तक, और इसी तरह आगे भी। अगर कोई बैंक इन डेटा जमा करने की समय-सीमा का पालन नहीं करता है, तो CICs को इसकी रिपोर्ट RBI के डिपार्टमेंट ऑफ सुपरविजन को DAKSH पोर्टल पर करनी होगी। ये रिपोर्ट हर छह महीने में जमा करनी है। यानी 31 मार्च और 30 सितंबर को। क्रेडिट इन्फॉर्मेशन का तेज अपडेट होना कैसे फायदा देगा? आज की तारीख में CICs कस्टमर का क्रेडिट डेटा हर 15 दिन में अपडेट करते हैं। लेकिन RBI के नए निर्देश के मुताबिक अप्रैल 2026 से ये अपडेट हर 15 दिन की बजाय हर हफ्ते होने लगेंगे। ये साप्ताहिक अपडेट बैंक और कर्ज लेने वाले दोनों को फायदा पहुंचाएगा। अब जानिए क्रेडिट स्कोर होता क्या है... क्रेडिट स्कोर एक 3 अंकों की संख्या (300 से 900 तक) होती है जो ये बताती है कि आप कितने भरोसेमंद उधारकर्ता हैं। भारत में मुख्य रूप से सिबिल स्कोर ही क्रेडिट स्कोर कहलाता है। इसे ट्रांसयूनियन सिबिल जारी करती। अन्य ब्यूरो जैसे इक्विफैक्स भी स्कोर देते हैं। ये स्कोर आपके लोन चुकाने के इतिहास, क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट, कितना कर्ज है, कितने साल से क्रेडिट इस्तेमाल कर रहे है आदि के आधार पर बनता है। जितना ऊंचा स्कोर, उतना आसानी और सस्ता लोन/क्रेडिट कार्ड मिलता है। सिबिल स्कोर कैसे चेक करें? सिबिल स्कोर आधिकारिक सिबिल वेबसाइट www.cibil.com पर फ्री में देखा जा सकता है। लेकिन, यह सुविधा साल में सिर्फ एक बार मिलती है। एक से ज्यादा बार सिबिल वेबसाइट से सिबिल स्कोर चेक करने के लिए 550 रुपए का मासिक सब्सक्रिप्शन प्लान लेना पड़ता है। इसके अलावा कई बैंकिंग सर्विस एग्रीगेटर्स भी सिबिल स्कोर चेक करने की सुविधा देते हैं। ............................... सिबिल स्कोर और क्रेडिट लिमिट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... क्रेडिट लिमिट का कम इस्तेमाल बढ़ाएगा सिबिल स्कोर:30% लिमिट का ही इस्तेमाल करें, 4 जरूरी बातें जिनसे मेंटेन रहेगा क्रेडिट स्कोर भविष्य में लोन पाने और नए क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए हम हाई सिबिल स्कोर मेंटेन करने की कोशिश करते हैं। इसके लिए हम ये ध्यान रखते हैं कि लोन और क्रेडिट कार्ड का पेमेंट सही समय पर हो। इसके बावजूद भी कई बार सिबिल स्कोर कम हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें...

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अब घर बैठे आधार में मोबाइल नंबर बदल सकेंगे:आधार एप पर OTP और फेस ऑथेंटिकेशन से होगा अपडेट; जानें प्रोसेस

व्यवसाय | अब घर बैठे आधार में मोबाइल नंबर बदल सकेंगे:आधार एप पर OTP और फेस ऑथेंटिकेशन से होगा अपडेट; जानें प्रोसेस

अब आप घर बैठे आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल सकेंगे। आधार को रेगुलेट करने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने नई डिजिटल सर्विस की घोषणा की है। इसके जरिए यूजर्स आधार एप पर OTP वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन से अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर पाएंगे। इस सर्विस से दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोग और सीनियर सिटिजन के काफी आसानी होगी। नई सर्विस कैसे काम करेगी? UIDAI के मुताबिक, मोबाइल अपडेट करने का प्रोसेस काफी सिंपल रखा गया है। इसके लिए कोई डॉक्यूमेंट या फिजिकल विजिट की जरूरत नहीं। पूरा प्रोसेस कुछ मिनटों में हो जाएगा। आधार मोबाइल अपडेट क्यों जरूरी है? आधार कार्ड देश की सबसे बड़ी आइडेंटिटी सर्विस है, जिसमें 130 करोड़ से ज्यादा लोगों का डेटा जुड़ा हुआ है। मोबाइल नंबर इसका सबसे अहम हिस्सा है, क्योंकि इसी से OTP के जरिए बैंक अकाउंट, सरकारी सब्सिडी, इनकम टैक्स वेरिफिकेशन और डिजिटल सर्विसेज जैसे डिजीलॉकर तक एक्सेस मिलता है। अगर नंबर पुराना हो जाए या खो जाए, तो कई प्रॉब्लम्स हो जाती हैं। अभी तक इसे अपडेट करने के लिए एनरोलमेंट सेंटर जाना पड़ता था, जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और लंबी कतारों का झंझट होता है। लेकिन अब UIDAI डिजिटल तरीके से इसे आसान बनाने जा रहा है। UIDAI ने पिछले महीने AADHAAR एप लॉन्च किया था एक महीने पहले UIDAI ने आधार कार्ड का नया मोबाइल एप लॉन्च किया था। इसमें यूजर एक ही फोन में 5 लोगों के आधार रख सकते हैं। इसमें आधार की सिर्फ वही जानकारी शेयर करने का ऑप्शन है, जो जरूरी होते हैं। इस ऐप में आप UPI में जिस तरह स्कैन कर पेमेंट करते है, उसी तरह आधार डिटेल्स शेयर कर सकते हैं। एप को ज्यादा सिक्योर बनाने के लिए इसमें फेस ऑथेंटिकेशन जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। आधार के नए एप के फीचर्स पुराना आधार एप पहले से था, फिर नया क्यों लाया गया? पुराना mAadhaar और नया आधार एप का मकसद आधार को डिजिटल तरीके से यूज करना है, लेकिन फोकस अलग-अलग है... नए एप से यूजर्स को क्या फायदा मिलेगा? 2009 में शुरू हुआ था आधार आधार 2009 में शुरू हुआ था। अब 1.3 अरब यानी 130 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार हैं। पहले पेपर कार्ड था, फिर mAadhaar एप आया। अब डिजिटल इंडिया के तहत फुली डिजिटल एप लाया गया है। सरकार की कोशिश है कि हर सर्विस ऑनलाइन हो जाए। --------------------------- देश में 6 करोड़ मृतकों के आधार कार्ड एक्टिव: पश्चिम बंगाल में 34 लाख ID धारक अब जिंदा नहीं; UIDAI ने सर्वे शुरू किया देश में जनवरी 2009 में आधार कार्ड लागू हुआ था। हर नागरिक को आधार नंबर जारी करने की शुरुआत के 15 साल हो चुके हैं। इस दौरान 142 करोड़ से अधिक आधार कार्ड जारी हुए, लेकिन 8 करोड़ से ज्यादा धारकों की मौत के बावजूद 1.83 करोड़ कार्ड ही निष्क्रिय हो पाए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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