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अगले साल रिटायर हो सकते हैं एपल CEO टिम कुक:फोल्डेबल फोन आखिरी प्रोडक्ट हो सकता है, 28 की उम्र में एपल से जुड़े थे

व्यवसाय | अगले साल रिटायर हो सकते हैं एपल CEO टिम कुक:फोल्डेबल फोन आखिरी प्रोडक्ट हो सकता है, 28 की उम्र में एपल से जुड़े थे

दिग्गज टेक कंपनी एपल 2026 में फोल्डेबल आईफोन ला सकती है। चर्चा है कि यह कंपनी के सीईओ टिम कुक के नेतृत्व में बना आखिरी प्रोडक्ट हो सकता है। 1998 में जब एपल संकट में थी, तब उन्होंने दूसरी कंपनी में इन्वेंट्री हेड का पद छोड़ एपल जॉइन किया। तब उनके फैसले को मूर्खतापूर्ण कहा गया, लेकिन वे दिवंगत को-फाउंडर स्टीव जॉब्स के भरोसे और दृढ़ता की बदौलत एपल को 357 लाख करोड़ रुपए की कंपनी बनाने वाले सफर तक ले आए। जानते हैं टेक बिलियनेयर कुक की कहानी... 1. प्रेरणा: पिता ने ‘कड़ी मेहनत का मूल्य’ का सिद्धांत सिखाया कुक में बचपन से पैसे कमाने की चाहत थी। 12 साल की उम्र में पॉकेटमनी के लिए अखबार बेचने लगे थे। तब तड़के 3 बजे उठते, काम करते और फिर स्कूल जाते थे। उनका मानना है कि पिता ने उन्हें ‘कड़ी मेहनत का मूल्य’ सिखाया, जो जीवनभर उनके करियर में मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहा। 16 साल की उम्र में टाइपराइटर न खरीद पाने के कारण उन्होंने पूरा निबंध हाथ से लिखकर प्रतियोगिता में भेजा और उसे जीता भी। 2. हुनर: मुश्किल वक्त में स्टीव संग मिलकर कई नए प्रोडक्ट लाए वर्ष 1998 में स्टीव जॉब्स के बुलावे पर टिम कुक सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बनकर एपल से जुड़े। तब कंपनी का वैल्युएशन सिर्फ 3.02 बिलियन डॉलर (करीब 27,000 करोड़ रुपए) थी और हालत खराब थी। कुक ने तुरंत ऑपरेशन और ग्लोबल सप्लाई चेन संभाली। 2005 में वे सीओओ बने और जॉब्स के साथ मिलकर आईफोन और आईपैड जैसे प्रोडक्ट पेश किए। 2011 में जॉब्स के बाद कुक सीईओ बने और उनके नेतृत्व में एपल 3 ट्रिलियन डॉलर वैल्युएशन वाली दुनिया की पहली कंपनी बनी। आज ये 4 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी है। 3. काम: हर दिन कंपनी की वैल्यू में औसतन 6,273 करोड़ रुपए जोड़े कुक के 14 साल के नेतृत्व में एपल की सालाना बिक्री 9.6 लाख करोड़ से 37 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई। मुनाफा 3 लाख करोड़ से 12 लाख करोड़ रुपए हो गया। मार्केट कैप 31 लाख करोड़ से 360 लाख करोड़ तक पहुंच गया। यानी हर दिन औसतन 6,273 करोड़ रुपए जोड़े। शेयरधारकों को अमीर बनाने में सिर्फ एनवीडिया के जेन्सन हुआंग उनसे आगे हैं। इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की समग्र आय में, टिम कुक के 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 89 लाख करोड़ रुपए) के आंकड़े के आसपास दुनिया का कोई भी सीईओ नहीं ठहरता है। 4. जीवन मंत्र: 23 हजार करोड़ संपत्ति, न आलीशान घर, न ही लग्जरी कार कुक का जन्म 1 नवंबर 1960 को अमेरिका के अलबामा में हुआ। पिता शिपयार्ड वर्कर और मां दवा कंपनी में काम करती थीं। कुक परिवार में कॉलेज जाने वाले पहले सदस्य थे। कुक ने शादी नहीं की और 2014 में खुद को समलैंगिक बताया। 2009 में कैंसर से पीड़ित स्टीव जॉब्स को लिवर देने की पेशकश भी की थी। 23 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति और ₹643 करोड़ की सालाना सैलरी के बावजूद कुक साधारण जीवन जीते हैं। उनके पास न चमचमाती कारें हैं, न लग्जरी घर। वे काम को लेकर जुनूनी हैं। सुबह 5 बजे उठना, दफ्तर के सैंकड़ो ईमेल चेक करना, जिम और ऑफिस उनका डेली रूटीन है।

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भारत-कनाडा में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत फिर से शुरू:दो साल के तनाव के बाद G20 समिट में फैसला, मोदी ने कनाडा के PM से मुलाकात की

व्यवसाय | भारत-कनाडा में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत फिर से शुरू:दो साल के तनाव के बाद G20 समिट में फैसला, मोदी ने कनाडा के PM से मुलाकात की

भारत और कनाडा ने ट्रेड डील के लिए फिर से बातचीत शुरू करने का ऐलान किया है। दो साल के तनाव के बाद अब दोनों देश व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए तैयार हुए हैं। यह फैसला जोहांसबर्ग में G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की द्विपक्षीय मुलाकात में लिया गया है। 2030 तक ₹4.45 लाख करोड़ के व्यापार का लक्ष्य ऐलान के बाद कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार 50 बिलियन डॉलर( ₹4.45 लाख करोड़) तक ले जाने का लक्ष्य है। क्रिटिकल मिनरल्स, क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और न्यूक्लियर एनर्जी पर खास फोकस रहेगा। कनाडा यूरेनियम सप्लाई पर पहले से सहयोग कर रहा है। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने X पर लिखा कि हमने ऐसा समझौता शुरू किया है जो हमारे व्यापार को 70 बिलियन कनाडाई डॉलर से अधिक तक ले जा सकता है। 2 साल बाद कूटनीतिक संबंधों में सुधार दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता की शुरुआत मार्च 2022 में हुई थी। लेकिन 2023 में संबंध तब बिगड़ गए थे जब कनाडा ने भारत पर एक सिख अलगाववादी की हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया था जिसे भारत ने सख्ती से खारिज किया। इसके बाद ट्रेड वार्ता रोक दी गई थी। इसके बाद जून 2025 में G7 समिट के दौरान मोदी कार्नी मुलाकात से संबंधों में सुधार शुरू हुआ। अब G20 बैठक में औपचारिक रूप से व्यापार वार्ता की बहाली हो गई है। US के बाहर व्यापार बढ़ाना चाहता है कनाडा कार्नी ने घोषणा की है कि वह अगले दशक में कनाडा के गैर-US निर्यात को दोगुना करना चाहते हैं। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और कनाडा इसे बड़े अवसर के रूप में देखता है। कनाडा भारत व्यापार 2024 में 31 बिलियन कनाडाई डॉलर तक पहुंचा, हालांकि यह भारत के आकार की तुलना में अभी भी कम माना जाता है।

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बढ़ते टैक्स के कारण स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन छोड़ेंगे:वे ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति, दुबई में शिफ्ट होने की तैयारी

व्यवसाय | बढ़ते टैक्स के कारण स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन छोड़ेंगे:वे ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति, दुबई में शिफ्ट होने की तैयारी

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के मालिक और ब्रिटेन के टॉप अरबपतियों में शामिल लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन छोड़ रहे हैं। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबर पार्टी की नई सरकार द्वारा अमीरों पर टैक्स बढ़ाने की तैयारी के चलते मित्तल ने यह फैसला लिया है। भारतवंशी मित्तल की कुल संपत्ति करीब 1.8 लाख करोड़ रुपए है। वे ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। 20% का 'एग्जिट टैक्स' लगाने की तैयारी में ब्रिटेन लेबर पार्टी की सरकार में वित्त मंत्री रेचल रीव्स देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए 20 अरब पाउंड (करीब 2.3 लाख करोड़ रुपए) का फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। 26 नवंबर को रेचल रीव्स का बजट आना है। अटकलें हैं कि इसमें 20% तक एक्जिट टैक्स लगाने का ऐलान हो सकता है। इससे पहले सरकार ने कैपिटल गेन टैक्स को अप्रैल 2025 से 10% से बढ़ाकर 14% कर दिया था। 2026 में ये 18% तक पहुंच जाएगा। मित्तल के परिवार के एक सलाहकार ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता इनहेरिटेंस टैक्स (विरासत कर) है। ज्यादातर अमीर विदेशी लोग ये समझ ही नहीं पाते कि उनकी दुनिया भर की संपत्ति पर ब्रिटेन का इनहेरिटेंस टैक्स क्यों लगना चाहिए? ये देश छोड़ने पर मजबूर कर रहा हैं। ब्रिटेन में इनहेरिटेंस टैक्स 40% तक लगता है। दुबई में ये जीरो है। अप्रैल में नॉन-डॉम स्टेटस खत्म करने के बाद कई अमीर लोगों ने ब्रिटेन छोड़ने का फैसला किया। ये पुराना सिस्टम (200 साल पुराना) अमीर लोगों को सिर्फ ब्रिटेन में कमाई पर टैक्स देने की सुविधा देता था। दुबई या स्विट्जरलैंड में नया बेस बना सकते हैं मित्तल मित्तल की पहले से ही दुबई में एक आलीशान हवेली हैं। खबरों के मुताबिक UAE के ना आइलैंड पर उन्होंने जमीन भी खरीद ली है। दुबई और स्विट्जरलैंड अमीर लोगों में इसलिए पॉपुलर हो गए हैं क्योंकि वहां इनहेरिटेंस टैक्स (विरासत कर) बिल्कुल नहीं लगता। यही वजह है कि दुनिया भर के बड़े-बड़े परिवार वहां शिफ्ट हो रहे हैं। मित्तल का ये फैसला ऐसे वक्त में आया है जब ब्रिटेन से कई बड़े उद्यमी और निवेशक पलायन कर रहे हैं। वजह है वहां की पॉलिसी में स्थिरता की कमी और आने वाले समय में टैक्स बढ़ने की आशंका। ब्रिटेन की इकोनॉमी को नुकसान हो सकता है यह कदम ब्रिटेन की सरकार के लिए परेशानी है, क्योंकि मित्तल जैसे लोग न सिर्फ टैक्स देते हैं, बल्कि नौकरियां और निवेश भी लाते हैं। लेबर पार्टी की यह नीति अमीरों को ब्रिटेन छोड़ने का खतरा पैदा कर रही है। ऐसे में कई ग्लोबल बिजनेसमैन ब्रिटेन छोड़ने की सोच रहे हैं। सरकार का मकसद कर्ज चुकाना और वेलफेयर योजनाओं को मजबूत करना है, लेकिन आलोचक कहते हैं कि इससे ब्रिटेन की इकोनॉमी को नुकसान हो सकता है। 1995 में लंदन शिफ्ट हुए थे मित्तल, बिलियनेयर्स रो में कई प्रॉपर्टीज

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शेयर बाजार में आज फ्लैट कारोबार रहा:सेंसेक्स 14 अंक गिरकर 85,707 पर बंद; IT-रियल्टी शेयरों में गिरावट, मेटल और फार्मा में तेजी रही

व्यवसाय | शेयर बाजार में आज फ्लैट कारोबार रहा:सेंसेक्स 14 अंक गिरकर 85,707 पर बंद; IT-रियल्टी शेयरों में गिरावट, मेटल और फार्मा में तेजी रही

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 28 नवंबर को शेयर मार्केट में गिरावट रही। सेंसेक्स 14 अंक गिरकर 85,707 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 13 पॉइंट की गिरावट रही। ये 26,203 पर बंद हुआ। आज ऑयल एंड गैस, रियल्टी, प्राइवेट बैंकिंग और IT में गिरावट रही। मीडिया, मेटल, फार्मा और हेल्थकेयर गिरकर बंद हुए। कल बाजार ने 14 महीने बाद हाई बनाया था एक दिन पहले 27 नवंबर को बाजार 14 महीने बाद ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था। निफ्टी ने कारोबार के दौरान 26,310 और सेंसेक्स ने 86,055 का लेवल छुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने 27 सितंबर 2024 को 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का ऑलटाइम हाई बनाया था। अमेरिकी बाजार बंद, एशियाई बाजार में गिरावट विदेशी निवेशकों ने ₹1,255.20 करोड़ के शेयर बेचे सुदीप फार्मा के शेयरों की 23% ऊपर लिस्टिंग सुदीप फार्मा के शेयरों की IPO प्राइस के मुकाबले 23% ऊपर लिस्टिंग हुई। NSE पर कंपनी के शेयर ₹730 पर लिस्ट हुए, जो IPO के ऊपरी प्राइस ₹593 के मुकाबले 23.10% प्रीमियम है। वहीं BSE पर शेयर ₹725 पर लिस्ट हुए, यानी 22.26% प्रीमियम। लिस्टिंग के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹8,188.78 करोड़ हो गया। कल 110 अंक चढ़कर 85,720 पर बंद हुआ सेंसेक्स सेंसेक्स कल गुरुवार को 110 अंक की तेजी के साथ 85,720 पर बंद हुआ है। वहीं निफ्टी में 10 अंक की तेजी रही। ये 26,215 पर बंद हुआ। कल के कारोबार में ऑटो, फाइनेंस और बैंकिंग शेयर्स में तेजी रही। वहीं IT और रियल्टी सेक्टर में गिरावट देखी गई थी।

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8वां वेतन-आयोग लागू होने तक DA बढ़ेगा या नहीं:जानें इससे जुड़ी डिटेल्स; नया आयोग 1 जनवरी 2026 से हो सकता है लागू

व्यवसाय | 8वां वेतन-आयोग लागू होने तक DA बढ़ेगा या नहीं:जानें इससे जुड़ी डिटेल्स; नया आयोग 1 जनवरी 2026 से हो सकता है लागू

आठवें वेतन आयोग के लागू होने की टाइमलाइन का ऐलान अभी नहीं हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। इस कारण कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या सरकार अगले वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ते (DA) में संशोधन करती रहेगी, या फिर कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के लिए अगले वेतन आयोग तक इंतजार करना पड़ेगा। 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक DA का क्या होगा? नए वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में ही कैलकुलेट किया जाता रहेगा। इसे हर छह महीने में जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है। यानी, 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता मिलता रहेगा। आयोग आने पर मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा। यानी, अभी जो 58% DA मिल रहा है वो जीरो हो जाएगा। सैलरी-पेंशन और अलाउंस रिवाइज होगा 8वें सेंट्रल पे कमीशन का मकसद सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई की सैलरी, पेंशन और अलाउंस को रिवाइज करना है। इसमें महंगाई, एम्प्लॉई की जरूरतें और गवर्नमेंट की अफोर्डेबिलिटी को ध्यान में रखा जाएगा। केंद्र ने 28 अक्टूबर को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी शर्तों को मंजूरी दी थी। अब कमीशन के गठन के बाद ये अपनी सिफारिशें 18 महीने के अंदर देगा। समझिए 8वें वेतन मान का सैलरी कैलकुलेशन बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, ये फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर पर निर्भर करता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। 8वें में ये 2.46 हो सकता है। हर वेतन आयोग में DA जीरो से शुरू होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई बेसिक सैलरी पहले से ही महंगाई को ध्यान में रखकर बढ़ाई जाती है। इसके बाद DA फिर से धीरे-धीरे बढ़ता है। अभी DA बेसिक पे का 58% है। DA के हटने से टोटल सैलरी (बेसिक + DA + HRA) में बढ़ोतरी थोड़ी कम दिख सकती है, क्योंकि 58% DA का हिस्सा हट जाएगा। उदाहरण: मान लीजिए, आप लेवल 6 पर हैं और 7वें वेतन आयोग के हिसाब से आपकी मौजूदा सैलरी है: 8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट 2.46 लागू होता है, तो नई सैलरी होगी: फिटमेंट फैक्टर क्या है? ये एक मल्टीप्लायर नंबर है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। वेतन आयोग इसे महंगाई और लिविंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर तय करता है। 8वें वेतन आयोग का फायदा किसे मिलेगा किसे नहीं राज्य अपने अलग पे कमीशन गठित करते हैं, जो संशोधन के बाद केंद्रीय सिफारिशों को अपनाते हैं। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों को वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलता क्योंकि वे भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर निर्भर रहते हैं। पिछले वेतन आयोग कब बने, कब लागू हुए? केंद्रीय मंत्री बोले- इंटरिम रिपोर्ट में लागू होने की तारीख आएगी केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि पे कमीशन के इम्प्लीमेंटेशन के नॉर्म्स पहले से ही लगभग तय होते हैं, लेकिन फॉर्मल तरीका यह है कि इंटरिम रिपोर्ट आएगी, जिसमें वेतनमान के लागू होने की जानकारी होगी। पूरी उम्मीद है कि ये 1 जनवरी 2026 से ही लागू होगा। ये कमीशन अपनी सिफारिशें गठन की तारीख से 18 महीने के अंदर देगा। जरूरत पड़ने पर, ये किसी भी मुद्दे पर सिफारिशें फाइनल होते ही इंटरिम रिपोर्ट्स भेजने पर विचार कर सकती है। कमीशन जब सैलरी-पेंशन की सिफारिशें बनाएगा, तो ये 5 बातें ध्यान में रखेगा… सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार करता है कमीशन सेंट्रल पे कमीशन को हर कुछ सालों में बनाया जाता है, ताकि सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार किया जा सके। ये कमीशन देखता है कि क्या बदलाव जरूरी हैं और फिर सिफारिशें देता है। आम तौर पर, इन सिफारिशों को हर दस साल बाद लागू किया जाता है। इसी पैटर्न के हिसाब से 8वें सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशें भी 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। यानी, कर्मचारियों को 17-18 महीने का एरियर एकमुश्त या किस्तों में मिलेगा। इससे 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा।

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सोना ₹162 चढ़कर ₹1.23 लाख हुआ:तेजस-क्रैश के बाद HAL का शेयर 2-दिन में 7% टूटा; भारत-कनाडा में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत फिर से शुरू

व्यवसाय | सोना ₹162 चढ़कर ₹1.23 लाख हुआ:तेजस-क्रैश के बाद HAL का शेयर 2-दिन में 7% टूटा; भारत-कनाडा में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत फिर से शुरू

कल की बड़ी खबर सोने-चांदी से जुड़ी रही। सोना के दाम में 24 नवंबर को गिरावट के बाद तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोना 162 रुपए चढ़कर 1,23,308 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले सोने की कीमत 1,23,146 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। कल की बड़ी खबरों से पहले आज की सुर्खियां, जिन पर रहेगी नजर... अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. बढ़ते टैक्स के कारण स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन छोड़ेंगे:वे ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति, दुबई में शिफ्ट होने की तैयारी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के मालिक और ब्रिटेन के टॉप अरबपतियों में शामिल लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन छोड़ रहे हैं। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबर पार्टी की नई सरकार द्वारा अमीरों पर टैक्स बढ़ाने की तैयारी के चलते मित्तल ने यह फैसला लिया है। भारतवंशी मित्तल की कुल संपत्ति करीब 1.8 लाख करोड़ रुपए है। वे ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 2. सोना ₹162 चढ़कर ₹1.23 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ: चांदी ₹2,521 बढ़कर ₹1.54 लाख किलो के करीब, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत सोना के दाम में सोमवार, 24 नवंबर को गिरावट के बाद तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोना 162 रुपए चढ़कर 1,23,308 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले सोने की कीमत 1,23,146 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, चांदी 2,521 रुपए बढ़कर 1,53,650 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पहले इसकी कीमत 1,51,129 प्रति किलोग्राम थी। 17 अक्टूबर को सोने ने 1,30,874 रुपए और 14 अक्टूबर को चांदी ने 1,78,100 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 3. तेजस-क्रैश के बाद HAL का शेयर 2-दिन में 7% टूटा:₹4,452 पर आया; दुबई एयर-शो में हुआ था हादसा, पायलट नमांश स्याल की मौत दुबई एयर शो में फाइटर जेट तेजस के क्रैश होने के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का शेयर 2 कारोबारी दिन में करीब 7% टूटा है। कंपनी का शेयर आज (24 नवंबर, सोमवार) 3.35% यानी 154 रुपए गिरकर 4,440 रुपए पर बंद हुआ। वहीं कारोबार के दौरान शेयर ने ₹4,205.25 का निचला स्तर छुआ था। इससे पहले कंपनी का शेयर शुक्रवार को 4,595 रुपए और गुरुवार को 4,716 रुपए पर बंद हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 4. भारत-कनाडा में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत फिर से शुरू:दो साल के तनाव के बाद G20 समिट में फैसला, मोदी ने कनाडा के PM से मुलाकात की भारत और कनाडा ने ट्रेड डील के लिए फिर से बातचीत शुरू करने का ऐलान किया है। दो साल के कूटनीतिक तनाव के बाद अब दोनों देश व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए तैयार हुए हैं। यह फैसला जोहांसबर्ग में G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की द्विपक्षीय मुलाकात में लिया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 5. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स मार्केट:चीन-अमेरिका से दोगुना तेजी से बढ़ रहा, 5 साल में ₹1 लाख करोड़ का मार्केट होगा चीन और अमेरिका के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स मार्केट है। 2024 में यहां 5.6 अरब डॉलर (करीब ₹50 हजार करोड़) का बिजनेस हुआ और 2030 तक ये दोगुना होकर 11 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) तक पहुंच सकता है। खास बात यह है कि भारत ही टॉप-3 देशों में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। 2025-2030 के बीच भारत के क्विक कॉमर्स की ग्रोथ रेट 15.5% रहने का अनुमान है। वहीं, अमेरिका के 6.72% और चीन के 7.9% से बढ़ने का अनुमान है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए... कल बाजार बंद था तो शुक्रवार के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए... पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...

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सुदीप फार्मा के IPO का आज दूसरा दिन:पहले ही दिन ये फुल सब्सक्राइब हुआ, इसमें मिनिमम ₹14,825 निवेश करने होंगे

व्यवसाय | सुदीप फार्मा के IPO का आज दूसरा दिन:पहले ही दिन ये फुल सब्सक्राइब हुआ, इसमें मिनिमम ₹14,825 निवेश करने होंगे

सुदीप फार्मा के IPO का आज यानी 24 नवंबर को दूसरा दिन है। ये IPO 21 नवंबर को खुला और 25 नवंबर को बंद होगा। पहले दिन ही ये इश्यू दोगुना सब्सक्राइब हो चुका है। आईपीओ का प्राइस बैंड 563 रुपए से 593 रुपए के बीच तय किया गया है। लॉट साइज 14 शेयर्स का है। यानी, रिटेल निवेशक को कम से कम 14,825 रुपए का निवेश करना होगा। रिटेल के लिए मैक्सिमम लॉट साइज 13 है। इसके लिए ₹1,92,725 निवेश करने होंगे। IPO में 95 करोड़ का फ्रेश इश्यू, 800 करोड़ का OFS इस IPO में 95 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू और 800 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। OFS में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के शेयरहोल्डर्स 1,34,90,726 शेयर्स बेच रहे हैं। फ्रेश इश्यू से मिली राशि में से 75.8 करोड़ रुपए का उपयोग गुजरात के नंदेसरी फैसिलिटी-1 में प्रोडक्शन लाइन के लिए मशीनरी खरीदने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कंपनी के इश्यू का 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व है। 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स और 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व है। कंपनी दवा और न्यूट्रिशन इंडस्ट्री के लिए खास सामग्री बनाती है गुजरात की ये कंपनी फार्मास्युटिकल, फूड और न्यूट्रिशन सेक्टर के लिए एक्सीपिएंट्स और स्पेशल्टी इंग्रीडिएंट्स बनाती है। यानी ये वो जरूरी सामग्रियां बनाती है जो दवाइयों और हेल्थ सप्लीमेंट्स को सही आकार, स्वाद, स्थिरता और असर देने में मदद करती हैं। कंपनी का पूरा फोकस ग्लोबल हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर है। इसके लिए ये अपनी इन-हाउस विकसित तकनीकों का इस्तेमाल करती है। इन तकनीकों की मदद से दवाइयां और न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स ज्यादा असरदार, स्थिर और यूजर-फ्रेंडली बनते हैं। उदाहरण के तौर पर, ये तकनीक दवाइयों को कड़वा स्वाद छुपाने, सही तरीके से घुलने में मदद करती है। कंपनी का दावा है कि इन इनोवेटिव समाधानों से फार्मा और न्यूट्रिशन इंडस्ट्री में प्रोडक्ट की क्वालिटी और प्रभावशीलता को नई ऊंचाई मिल रही है। IPO क्या होता है? जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर्स को आम लोगों के लिए जारी करती है तो इसे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO कहते हैं। कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में कंपनी बाजार से कर्ज लेने के बजाय कुछ शेयर पब्लिक को बेचकर या नए शेयर इश्यू करके पैसा जुटाती है। इसी के लिए कंपनी IPO लाती है।

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PM मोदी बोले- आतंकवाद में AI का इस्तेमाल प्रतिबंधित हो:G20 समिट में कहा- टेक्नोलॉजी फाइनेंस-सेंट्रिक नहीं, ह्यूमन-सेंट्रिक होनी चाहिए

व्यवसाय | PM मोदी बोले- आतंकवाद में AI का इस्तेमाल प्रतिबंधित हो:G20 समिट में कहा- टेक्नोलॉजी फाइनेंस-सेंट्रिक नहीं, ह्यूमन-सेंट्रिक होनी चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जोहान्सबर्ग में हुए G20 समिट के तीसरे सत्र में कहा कि दुनिया को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक ग्लोबल कॉम्पैक्ट तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI सहित सभी महत्वपूर्ण तकनीकों को मानव-केंद्रित होना चाहिए और उनका उपयोग वैश्विक भलाई के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी ह्यूमन सेंट्रिक होनी चाहिए, फाइनेंस सेंट्रिक नहीं। टेरर एक्टिविटी में AI के इस्तेमाल पर रेस्ट्रिक्शन मोदी ने कहा कि AI मानवता की सबसे गहरी तकनीक है, लेकिन इसका ग्लोबल भले के लिए इस्तेमाल हो। डीपफेक, क्राइम और टेरर एक्टिविटी में AI के इस्तेमाल पर सख्त रेस्ट्रिक्शन लगे। AI सिस्टम्स जो ह्यूमन लाइफ, सिक्योरिटी या पब्लिक ट्रस्ट पर असर डालते हैं, वे रिस्पॉन्सिबल और ऑडिटेबल हों। उन्होंने जोर दिया कि AI ह्यूमन कैपेबिलिटी बढ़ाए, लेकिन डिसीजन की जिम्मेदारी इंसान के पास रहे। टेक्नोलॉजी को ग्लोबल ओपन सोर्स बनाने की अपील मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी राष्ट्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक होनी चाहिए और ओपन सोर्स मॉडल को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत की टेक्नोलॉजी व्यवस्था स्पेस, AI, डिजिटल पेमेंट्स इसी विजन पर बनी है, जिससे विश्वस्तरीय परिणाम मिले हैं। ये खबर भी पढ़ें सुंदर पिचाई बोले- AI एक दिन CEO की जगह लेगा:कहा- हर पेशे में AI का उपयोग सीखना जरूरी; जो इसे अपनाएंगे, वे दूसरों से बेहतर करेंगे गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न केवल कई नौकरियां बदलेगा, बल्कि भविष्य में बड़े कंपनियों के CEO तक को रिप्लेस कर सकता है। बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अगले 12 महीनों में इतने विकसित रूप में पहुंच जाएगा कि यह कई जटिल काम अपने आप कर सकेगा। पिचाई ने यह भी कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच लोगों को खुद को लगातार अपडेट करना होगा। पूरी खबर पढ़ें

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भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स मार्केट:चीन-अमेरिका से दोगुना तेजी से बढ़ रहा, 5 साल में ₹1 लाख करोड़ का मार्केट होगा

व्यवसाय | भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स मार्केट:चीन-अमेरिका से दोगुना तेजी से बढ़ रहा, 5 साल में ₹1 लाख करोड़ का मार्केट होगा

चीन और अमेरिका के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स मार्केट है। 2024 में यहां 5.6 अरब डॉलर (करीब ₹50 हजार करोड़) का बिजनेस हुआ और 2030 तक ये दोगुना होकर 11 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) तक पहुंच सकता है। खास बात यह है कि भारत ही टॉप-3 देशों में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। 2025-2030 के बीच भारत के क्विक कॉमर्स की ग्रोथ रेट 15.5% रहने का अनुमान है। वहीं, अमेरिका के 6.72% और चीन के 7.9% से बढ़ने का अनुमान है। ग्लोबल फंडिंग का 37% अकेले भारत को पिछले साल यानी 2024 में दुनियाभर की क्विक कॉमर्स कंपनियों को कुल 2.8 अरब डॉलर (करीब ₹25 हजार करोड़) की फंडिंग मिली, जिसमें में से 37% यानी एक तिहाई हिस्सा भारतीय कंपनियों को ही मिला। जेप्टो, ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट जैसी कंपनियां निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। 2021 से अब तक इस सेक्टर में 5 अरब डॉलर (करीब ₹45,000 करोड़) से ज्यादा का निवेश आ चुका है। क्विक कॉमर्स मतलब 30 मिनट में सामान आपके घर क्विक कॉमर्स यानी 10 से 30 मिनट के अंदर आपके घर तक सामान पहुंचाना। सामान्य ई-कॉमर्स जैसे- अमेजन और फ्लिपकार्ट में ऑर्डर करने के बाद 1-2 दिन या उससे ज्यादा लगता है, लेकिन क्विक कॉमर्स में बहुत तेज डिलीवरी होती है। अभी 14 करोड़ ग्राहक, 2030 तक 23 करोड़ होंगे रेडशीयर की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में 14 करोड़ लोग क्विक कॉमर्स इस्तेमाल कर रहे थे, 2030 तक ये संख्या बढ़कर 23.3 करोड़ हो सकती है। वहीं, 70% GMV (कुल बिक्री) किराने से आता है, लेकिन अब फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी तेजी से एक्सपैंशन हो रहा है। ब्लिंकिट के CEO सतिश एन ने कहा, शहरी मिलेनियल्स और जेन-Z को तुरंत सामान चाहिए। हम सिर्फ किराना नहीं, कन्वीनियंस को भी प्रायोरिटी दे रहे हैं। Zomato के फाउंडर दीपिंदर गोयल का अनुमान आज क्विक कॉमर्स 5-6 अरब डॉलर का मार्केट है, हर साल 40-50% की रफ्तार से बढ़ रहा है। अगर टियर-2 शहरों में सही से पहुंच गए तो 2030 तक 50 अरब डॉलर तक जा सकता है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... क्विक-कॉमर्स का खेल; ₹57 का सामान ₹200 में आ रहा: जेप्टो-ब्लिंकिट जैसी क्विक डिलीवरी कंपनियां बारिश और छोटे ऑर्डर के नाम पर चार्ज ले रहीं क्विक कॉमर्स कंपनियां चुपचाप ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं। इसके लिए डिलीवरी के अलावा हैंडलिंग चार्ज, मेंबरशिप फीस, रेन फीस, प्रोसेसिंग फीस, प्लेटफॉर्म फीस और व्यस्त समय में सर्ज चार्ज भी वसूले जा रहे हैं। यह सब स्टैंडर्ड डिलीवरी और प्लेटफॉर्म चार्ज से अलग है। आईटी प्रोफेशनल सुरेश ने जब जेप्टो से 57 रुपए के स्नैक्स मंगवाए तो बिल 200 रुपए पहुंच गया। इसमें 13 रुपए हैंडलिंग चार्ज, 35 रुपए स्मार्ट कार्ट फी, 75 रुपए डिलीवरी चार्ज और 1 रुपए मेंबरशिप फीस जुड़ी थी। जीएसटी ने कीमत और बढ़ा दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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भारत पिछले तीन साल में सबसे कम रूसी-तेल खरीदेगा:दिसंबर में 18 लाख की जगह 6 लाख बैरल-पर-डे क्रूड आयात का अनुमान; अमेरिका-EU प्रतिबंधों का असर

व्यवसाय | भारत पिछले तीन साल में सबसे कम रूसी-तेल खरीदेगा:दिसंबर में 18 लाख की जगह 6 लाख बैरल-पर-डे क्रूड आयात का अनुमान; अमेरिका-EU प्रतिबंधों का असर

भारत का रूसी तेल आयात दिसंबर में तीन साल के न्यूनतम स्तर पर आ सकता है। अभी भारत रूस से करीब 18 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) क्रूड ऑयल खरीद रहा है। दिसंबर में यह 6-6.5 लाख bpd रहने का अनुमान है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने अमेरिकी, यूरोपीय और ब्रिटिश प्रतिबंधों का उल्लंघन न हो, इसके लिए रूसी कच्चे तेल की खरीदी में तेजी से कटौती शुरू कर दी है। रिफाइनर्स अब रूसी तेल का अल्टरनेटिव सोर्स ढूंढ रहे हैं। रूस से तेल ना खरीदने का मुख्य कारण अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के रूस पर ताजा प्रतिबंध हैं। US–EU प्रतिबंधों के बाद सख्ती अमेरिका के ताजा प्रतिबंध में रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रॉसनेफ्ट और लुकोइल पर सख्ती की गई है। खरीदारों को 21 नवंबर तक इन कंपनियों से लेनदेन बंद करने को कहा गया था। वहीं यूरोपीय यूनियन ने 21 जनवरी 2026 की आखिरी तारीख तय की है। इसके बाद किसी भी रिफाइनरी द्वारा 60 दिन पहले के रूसी क्रूड प्रोसेस करके बने ईंधन को यूरोप में नहीं बेचा जा सकेगा। भारतीय बैंकों ने जांच बढ़ाई इन्हीं प्रतिबंधों के चलते अमेरिका और यूरोप से हो रहे ट्रांजैक्शन की भारतीय बैंकों में जांच भी कड़ी हो गई है। इससे भारत के सरकारी रिफाइनर भी अलर्ट हो गए हैं। अधिकांश भारतीय रिफाइनरों ने रूसी तेल खरीदी रोक दी है। मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स (MRPL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और HPCL–मित्तल एनर्जी अब रूस से तेल नहीं ले रहे। इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने कहा है कि वे केवल उन्हीं रूसी सप्लायर्स से खरीदेंगे जो प्रतिबंधित सूची में नहीं हैं। नायरा एनर्जी, जिसमें रॉसनेफ्ट की हिस्सेदारी है, फिलहाल केवल रूसी तेल ही प्रोसेस कर रहा है। 4 सवाल-जवाब में भारत और रशियन ऑयल इंपोर्ट की पूरी कहानी 1. भारत ने रशियन तेल खरीदना क्यों बढ़ाया? 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस पर सैंक्शन लगे। रूस अपना तेल बहुत सस्ता बेचने लगा। पहले भारत रूस से तेल नहीं खरीदता था, लेकिन अब रशियन क्रूड 20-30 डॉलर प्रति बैरल सस्ता मिलने लगा। भारत की रिफाइनरी कंपनियां (रिलायंस, IOC, नायरा, HPCL) ने मौका देखा और खूब तेल खरीदा। 2023-2025 में भारत रोज 17-19 लाख बैरल रशियन क्रूड खरीदने लगा। इससे भारतीय कंपनियों को करोड़ों रुपए की बचत हुई। 2. अमेरिका और यूरोपियन यूनियन ने रूस पर क्या-क्या सैंक्शन लगाए? 3. भारत पर क्या असर पड़ा? 4. अब क्या हो रहा है और आगे क्या होगा?

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नए लेबर कोड से टेक-होम सैलरी कम हो सकती है:मोदी बोले-आतंकवाद में AI का इस्तेमाल प्रतिबंधित हो; जानें 5 ट्रिगर जो बाजार की दिशा तय करेंगे

व्यवसाय | नए लेबर कोड से टेक-होम सैलरी कम हो सकती है:मोदी बोले-आतंकवाद में AI का इस्तेमाल प्रतिबंधित हो; जानें 5 ट्रिगर जो बाजार की दिशा तय करेंगे

कल की बड़ी खबर बाजार से जुड़ी रही। 24 नवंबर से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार रेंज बाउंड रह सकता है। इस हफ्ते दूसरी तिमाही का GDP डेटा, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री से लेकर टेक्निकल फैक्टर्स बाजार की चाल तय करेंगे। पिछले हफ्ते के आखिरी दिन निफ्टी 124 अंक गिरकर बंद हुआ था। कल की बड़ी खबरों से पहले आज की सुर्खियां, जिन पर रहेगी नजर... अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. निफ्टी ऑलटाइम हाई से 200 अंक दूर: इस हफ्ते 26,277 पार होगा या फिर 25,800 टूटेगा? 5 बड़े ट्रिगर जो तय करेंगे दिशा 24 नवंबर से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार रेंज बाउंड रह सकता है। इस हफ्ते दूसरी तिमाही का GDP डेटा, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री से लेकर टेक्निकल फैक्टर्स बाजार की चाल तय करेंगे। पिछले हफ्ते के आखिरी दिन निफ्टी 124 अंक गिरकर बंद हुआ था। निफ्टी अपने ऑलटाइम हाई से करीब 200 अंक दूर है। वहीं सेंसेक्स भी करीब 750 अंक दूर है। ऐसे में आपके मन में भी सवाल होगा कि क्या बाजार इस हफ्ते लाइफ हाई पर पहुंचेगा? पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 2. ब्लूचिप फंड्स ने 1 साल में दिया 17% का रिटर्न:बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच इसमें निवेश कम रिस्की, जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें बीते करीब एक साल में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। बाजार के नीचे जाने से कई निवेशकों का पोर्टफोलियो नेगेटिव में चला गया है। हालांकि, इसी बीच ब्लूचिप फंड्स ने 17% तक का रिटर्न दिया है। इसमें निवेश भी बाजार की तुलना में कम रिस्की है। इन स्कीम्स में निवेशकों से जुटाई गई राशि का कम से कम 80% टॉप 100 कंपनियों जैसे रिलायंस, HDFC बैंक, TCS, इंफोसिस में निवेश किया जाता है। माना जाता कि इनके शेयरों में उतार चढ़ाव कम होता है, जिससे नुकसान की संभावना कम ही रहती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 3. नए लेबर कोड से टेक-होम सैलरी कम हो सकती है: बेसिक पे अब CTC का कम से कम 50% होना जरूरी, PF-ग्रेच्युटी कंट्रीब्यूशन बढ़ेगा; जानें डिटेल्स केंद्र सरकार ने 29 पुराने लेबर लॉज को चार नए कोड्स में मिला दिया है। ये कोड- वेजेज, इंडस्ट्रियल रिलेशंस, सोशल सिक्योरिटी और सेफ्टी-हेल्थ पर हैं। 21 नवंबर 2025 से वेज कोड लागू हो गया है। जिसके तहत कंपनियों को अब सैलरी स्ट्रक्चर बदलना पड़ेगा, जिसमें बेसिक सैलरी टोटल CTC का कम से कम 50% होनी जरूरी है। इससे प्रॉविडेंट फंड और ग्रेच्युटी के कंट्रीब्यूशन बढ़ेंगे, लेकिन टेक-होम सैलरी कम हो सकती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये चेंजेस कर्मचारियों को लॉन्ग-टर्म बेनिफिट्स तो देंगे, लेकिन शॉर्ट-टर्म में जेब पर बोझ बढ़ा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 4. PM मोदी बोले- आतंकवाद में AI का इस्तेमाल प्रतिबंधित हो: G20 समिट में कहा- टेक्नोलॉजी फाइनेंस-सेंट्रिक नहीं, ह्यूमन-सेंट्रिक होनी चाहिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जोहान्सबर्ग में हुए G20 समिट के तीसरे सत्र में कहा कि दुनिया को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक ग्लोबल कॉम्पैक्ट तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI सहित सभी महत्वपूर्ण तकनीकों को मानव-केंद्रित होना चाहिए और उनका उपयोग वैश्विक भलाई के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी ह्यूमन सेंट्रिक होनी चाहिए, फाइनेंस सेंट्रिक नहीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए... कल बाजार बंद था तो शुक्रवार के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए... पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...

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सोना ₹534 महंगा होकर 1,26,591 रुपए पर पहुंचा:चांदी भी ₹1,692 महंगी हुई; इस साल गोल्ड ₹50,500 और सिल्वर ₹78,000 महंगी हुई

व्यवसाय | सोना ₹534 महंगा होकर 1,26,591 रुपए पर पहुंचा:चांदी भी ₹1,692 महंगी हुई; इस साल गोल्ड ₹50,500 और सिल्वर ₹78,000 महंगी हुई

सोने-चांदी के दाम में शुक्रवार 28 नवंबर तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोना 534 रुपए महंगा होकर 1,26,591 रुपए पर पहुंच गया है। कल 10 ग्राम सोना 1,26,057 रुपए का था। वहीं, चांदी 1,692 रुपए महंगी होकर 1,64,359 रुपए पर पहुंच गई। गुरुवार को चांदी की कीमत 1,62,667 रुपए प्रति किलोग्राम थी। 17 अक्टूबर को सोने ने 1,30,874 रुपए और 14 अक्टूबर को चांदी ने 1,78,100 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यो होते हैं? IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता इसलिए अलग-अलग शहरों के रेट्स अलग-अलग होते हैं। पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंक गोल्ड लोन रेट तय करने के लिए इन कीमतों का इस्तेमाल करते हैं। इस साल सोना ₹50,429 और चांदी ₹78,342 महंगी हुई सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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सोना 962 रुपए महंगा होकर ₹1.26 लाख पर पहुंचा:चांदी में ₹2,705 की तेजी; इस साल गोल्ड के ₹50,000 और सिल्वर के ₹73,000 चढ़े दाम

व्यवसाय | सोना 962 रुपए महंगा होकर ₹1.26 लाख पर पहुंचा:चांदी में ₹2,705 की तेजी; इस साल गोल्ड के ₹50,000 और सिल्वर के ₹73,000 चढ़े दाम

सोना-चांदी के दाम में आज यानी बुधवार, 26 नवंबर को तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोना 962 रुपए महंगा होकर 1,26,081 रुपए पर पहुंच गया है। कल 10 ग्राम सोना 1,25,119 रुपए का था। वहीं, चांदी 2,705 रुपए महंगी होकर 1,59,025 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले चांदी की कीमत 1,56,320 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 17 अक्टूबर को सोने ने 1,30,874 रुपए और 14 अक्टूबर को चांदी ने 1,78,100 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यो होते हैं? IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता इसलिए अलग-अलग शहरों के रेट्स अलग-अलग होते हैं। पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंक गोल्ड लोन रेट तय करने के लिए इन कीमतों का इस्तेमाल करते हैं। इस साल सोना ₹49,919 और चांदी ₹73,008 महंगी हुई सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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एपल फिर बन सकता है दुनिया का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड:आईफोन 17 सीरीज की तेज बिक्री से 14 साल बाद सैमसंग को पीछे छोड़ेगा

व्यवसाय | एपल फिर बन सकता है दुनिया का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड:आईफोन 17 सीरीज की तेज बिक्री से 14 साल बाद सैमसंग को पीछे छोड़ेगा

एपल एक दशक के बाद सैमसंग को पीछे छोड़कर फिर दुनिया का नंबर 1 स्मार्टफोन ब्रांड बन सकता है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक इसका कारण आईफोन 17 सीरीज की तेजी से बढ़ रही सेल होगी। इससे पहले 2011 में एपल ने नंबर की पोजिशन हासिल की थी। रिसर्च के अनुसार सितंबर में लॉन्च हुई आईफोन 17 सीरीज को अमेरिका और चीन दोनों बाजारों में बेहद मजबूत प्रतिक्रिया मिली है, जिससे एपल की बिक्री में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा US-चाइना ट्रेड तनाव में कमी और डॉलर की कमजोरी ने बड़े बाजारों में भी आईफोन की खरीद बढ़ाई है। आईफोन की बिक्री 10% तक बढ़ेगी काउंटरपॉइंट का अनुमान है कि 2025 में आईफोन की बिक्री 10% बढ़ेगी, जबकि सैमसंग की यह वृद्धि सिर्फ 4.6% रहेगी। इसी बढ़त के साथ एपल इस साल सैमसंग को पीछे छोड़कर नंबर 1 स्थान पर आ जाएगा। 2025 में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार लगभग 3.3% बढ़ेगा और एपल की हिस्सेदारी 19.4% तक पहुंच सकती है। एपल आखिरी बार 2011 में दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन निर्माता बनी थी। यूजर्स फोन अपग्रेड कर आईफोन पर शिफ्ट हो रहे काउंटरपॉइंट के विश्लेषक यांग वांग ने कहा कि आईफोन 17 की सफलता के पीछे प्रमुख कारण यह है कि कोविड अवधि में फोन खरीदने वाले कंज्यूमर अब अपना फोन अपग्रेड कर रहे हैं। 2023 से 2025 के बीच 35.8 करोड़ सेकंड-हैंड आईफोन s बिके, जिनके उपयोगकर्ता अगले कुछ वर्षों में नए आईफोन मॉडल की ओर बढ़ने की संभावना रखते हैं। फोल्डेबल फोन से सेल बढ़ने की उम्मीद रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि एपल की पहुंच आने वाले वर्षों में और मजबूत हो सकती है। 2026 में फोल्डेबल आईफोन और बजट आईफोन 17e लॉन्च होने की उम्मीद है, जबकि 2027 में कंपनी बड़े डिजाइन बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। इन सभी कारणों से कॉउंटरपॉइंट का अनुमान है कि एपल 2029 तक लगातार नंबर 1 स्मार्टफोन ब्रांड बना रहेगा।एपल ने पिछले महीने कहा था कि उसकी सेल्स उम्मीद से तेज गति से बढ़ रही हैं और कंपनी की हॉलिडे क्वार्टर की कमाई लगभग 140 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच सकती है।

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सोवरेन गोल्ड-बॉन्ड में 1 लाख का निवेश 4.29 लाख बना:रिडेम्प्शन प्राइस 12,484 रुपए प्रति यूनिट तय; सरकार ने घाटे के कारण स्कीम बंद की

व्यवसाय | सोवरेन गोल्ड-बॉन्ड में 1 लाख का निवेश 4.29 लाख बना:रिडेम्प्शन प्राइस 12,484 रुपए प्रति यूनिट तय; सरकार ने घाटे के कारण स्कीम बंद की

RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2017-18 सीरीज-IX का रिडेम्प्शन प्राइस 12,484 रुपए प्रति यूनिट तय किया है। अगर आपने 2017 में 1 लाख रुपए इसमें लगाए थे, तो आज ये 4.29 लाख रुपए हो गया है। फाइनल रिडेम्पशन तारीख 27 नवंबर 2025 होगी। SGB को केंद्र सरकार की ओर से RBI जारी करता है। ये फिजिकल गोल्ड का सुरक्षित विकल्प है, जिसमें स्टोरेज या प्योरिटी की चिंता नहीं। इसमें सोने की कीमत बढ़ने पर फायदा मिलता है। 2.5% सालाना इंटरेस्ट भी मिलता है। यह स्कीम 2015 में शुरू की गई थी। SGB की सीरीज-IX 27 नवंबर 2017 को इश्यू हुई थी 27 नवंबर 2017 को जारी सीरीज-IX का इश्यू प्राइस 2,964 रुपए प्रति ग्राम था। ऑनलाइन डिस्काउंट के बाद कीमत 2,914 रुपए प्रति यूनिट थी। टेन्योर 8 साल था। आज रिडेम्प्शन प्राइस 12,484 रुपए प्रति यूनिट है। ये प्राइस 24, 25 और 26 नवंबर 2025 के गोल्ड के एवरेज क्लोजिंग प्राइस पर बेस्ड है। रिडेम्प्शन कैसे होगा, क्या करना पड़ेगा? RBI एक महीने पहले इनवेस्टर्स को नोटिफाई करता है। मैच्योरिटी पर प्रोसीड्स बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाते हैं। अगर डिटेल्स में चेंज हो, तो जल्दी बैंक, SHCIL या पोस्ट ऑफिस को बताएं। केंद्र सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम बंद केंद्र सरकार ने इस साल की शुरुआत में SGB स्कीम को बंद करने का फैसला किया था। वजह बताई गई थी कि इस स्कीम से सरकार को कर्ज लेना बहुत महंगा पड़ रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट के बाद इसकी पुष्टि की थी। जब उनसे SGB स्कीम के भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था, “हां, एक तरह से बंद हो रही है।” आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा था- पिछले कुछ समय का अनुभव यही रहा है कि SGB से सरकार को बहुत महंगा कर्ज पड़ता है। इसलिए सरकार ने अब इस रास्ते को छोड़ने का फैसला किया है। आखिरी बार फरवरी 2023 में SGB जारी हुई थी।

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