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ट्रेडिंग-फ्रॉड में 72 साल के भरतभाई ने 35 करोड़ गंवाए:ब्रोकर 4 साल तक फर्जी स्टेटमेंट भेजकर 18% मुनाफा बताता रहा

व्यवसाय | ट्रेडिंग-फ्रॉड में 72 साल के भरतभाई ने 35 करोड़ गंवाए:ब्रोकर 4 साल तक फर्जी स्टेटमेंट भेजकर 18% मुनाफा बताता रहा

एक 72 साल के बुजुर्ग बिजनेसमैन को ट्रेडिंग स्कैम में 35 करोड़ रुपए गंवाने पड़े हैं। मुंबई के माटुंगा वेस्ट के रहने वाले भरत हरखचंद शाह ने ब्रोकरेज फर्म ग्लोब कैपिटल मार्केट लिमिटेड पर अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग का आरोप लगाया है। बुजर्ग बिजनेसमैन को चार साल इस फ्रॉड के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने FIR दर्ज कराई है। अब मुंबई पुलिस की इकॉनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) इसकी जांच कर रही है। धोखाधड़ी की इस पूरी कहानी को आसना भाषा में पढ़ें... 72 साल के भरतभाई शाह के पिताजी ने 70-80 के दशक में काफी सारे शेयर खरीदकर रखे थे। भरतभाई को मार्केट की ABC भी ठीक से नहीं आती। बस हर साल डिविडेंड आ जाता था, वही काफी था। 2020 की बात है। एक पुराने दोस्त मिले। बोले, ‘भाई, तुम्हारे शेयर तो यूं ही पड़े हैं। एक बहुत अच्छी ब्रोकरेज फर्म है- ग्लोब कैपिटल, इसमें अपने शेयर इनके पास (कोलैटरल) रख दो, ये लोग ट्रेडिंग करेंगे। तुम्हें कुछ नहीं करना, बस बैठे-बैठे हर साल 15-18% का मुनाफा आएगा।’ इस पर शाह ने खुद और पत्नी के नाम से ग्लोब कैपिटल के साथ डीमैट अकाउंट खोला और सारे पुराने शेयर इसमें ट्रांसफर कर दिए। फर्म से जुड़े लोगों ने उन्हें बताया कि कोई एक्स्ट्रा इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं है, पर्सनल गाइड्स मिलेंगे जो पोर्टफोलियो मैनेज करेंगे। इसके बाद कंपनी से दो लड़के आते हैं- अक्षय बरिया और करण सिरोया। इनको शाह का 'गाइड' बनाया गया। बोले, ‘अंकल, आप बिल्कुल टेंशन मत लो। हम आपका पोर्टफोलियो मैनेज करेंगे। शुरुआत में फोन पर ऑर्डर प्लेस करने को कहते थे। फिर घर पर आना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने शाह से OTP मांगना शुरू किया और धीरे-धीरे अकाउंट पर फुल कंट्रोल ले लिया। मार्च 2020 से जून 2024 तक हर साल जो स्टेटमेंट उन्हें ईमेल पर मिलता था, उसमें हमेशा “प्रॉफिट” दिखाया जाता था। इसलिए शाह को कोई शक नहीं हुआ। धोखाधड़ी का पता कैसा चला? जुलाई 2024 में अचानक ग्लोब कैपिटल के रिस्क मैनेजमेंट डिपार्टमेंट से फोन आया। आपके और आपकी पत्नी के अकाउंट में ₹35 करोड़ का डेबिट बैलेंस है। तुरंत पैसे जमा करें वरना सारे शेयर बेच दिए जाएंगे। जब शाह कंपनी पहुंचे तो पता चला कि उनके अकाउंट से बिना बताए करोड़ों के शेयर खरीदे-बेचे गए थे। बहुत सारे “सर्कुलर ट्रेड्स” (एक ही पार्टी से बार-बार खरीद-बिक्री) किए गए थे, जिससे अकाउंट लॉस में चला गया। अब शाह ने मजबूरी में बाकी शेयर बेचे और पूरा ₹35 करोड़ का कर्ज चुका दिया। कर्ज चुकाने के बाद बचे हुए शेयर उन्होंने दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर लिए। फिर जब उन्होंने ग्लोब कैपिटल की वेबसाइट से ओरिजिनल और पूरा ट्रेडिंग स्टेटमेंट डाउनलोड किया और उसे ईमेल पर मिले “प्रॉफिट” वाले स्टेटमेंट से मिलाया, तो सच सामने आया। दोनों में जमीन-आसमान का फर्क था। साथ ही पता चला कि NSE की तरफ से कई नोटिस आए थे, जिनका जवाब भी कंपनी ने शाह के नाम से दे दिया था, लेकिन शाह को कभी बताया तक नहीं गया। शाह ने कहा, “चार साल तक हमें झूठी तस्वीर दिखाई गई, जबकि असल में घाटा लगातार बढ़ता जा रहा था।” वनराई पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई शाह ने इसे “संगठित फाइनेंशियल फ्रॉड” बताया। उन्होंने वनराई पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। केस IPC की धारा 409 (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट), 420 (ठगी) समेत कई धाराओं में दर्ज हुआ। अब मुंबई पुलिस की इकॉनॉमिक ऑफेंस विंग को जांच सौंपी गई है।

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भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट तैयार:300 किलो तक के सैटेलाइट अंतरिक्ष में ले जाएगा; मोदी ने उद्घाटन किया, अगले साल लॉन्चिंग

व्यवसाय | भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट तैयार:300 किलो तक के सैटेलाइट अंतरिक्ष में ले जाएगा; मोदी ने उद्घाटन किया, अगले साल लॉन्चिंग

पीएम मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I को दुनिया के सामने रखा। इस रॉकेट की ऊंचाई 26 मीटर यानी करीब 85 फीट है। रॉकेट को प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने बनाया है। इस रॉकेट को 2026 में लॉन्च किया जाएगा। यह अपने साथ 300 किग्रा सैटेलाइट ले जाने में सक्षम है। पीएम ने रॉकेट के अलावा कंपनी के नए इनफिनिटी कैंपस का भी इनॉगरेशन किया। इस कैंपस में कई लॉन्च व्हीकल के डिजाइन, डेवलपमेंट, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग का काम किया जाएगा। कैंपस तेलंगाना के हैदराबाद में बना है। कंपनी का हेड ऑफिस भी यहीं है। स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी की स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने 2018 में की थी। यह दोनों IIT पासआउट हैं और ISRO के पूर्व साइंटिस्ट रह चुके हैं। रॉकेट विक्रम-I की 2 तस्वीरें... स्पेस सेक्टर में भारत की प्राइवेट कंपनियां पीएम की स्पीच, 9 बड़ी बातें... अब स्काईरूट के प्राइवेट रॉकेट विक्रम-I के बारे में जानिए...

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चांदी एक दिन में ₹3,642 महंगी हुई:₹1.62 लाख प्रति किलो बिक रही; सोना ₹1.26 लाख प्रति 10 ग्राम पर आया

व्यवसाय | चांदी एक दिन में ₹3,642 महंगी हुई:₹1.62 लाख प्रति किलो बिक रही; सोना ₹1.26 लाख प्रति 10 ग्राम पर आया

सोना के दाम में आज यानी 27 नवंबर को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोना 24 रुपए सस्ता होकर 1,26,057 रुपए पर आ गया है। कल 10 ग्राम सोना 1,26,081 रुपए का था। वहीं, चांदी 3,642 रुपए महंगी होकर 1,62,667 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले चांदी की कीमत 1,59,025 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 17 अक्टूबर को सोने ने 1,30,874 रुपए और 14 अक्टूबर को चांदी ने 1,78,100 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यो होते हैं? IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता इसलिए अलग-अलग शहरों के रेट्स अलग-अलग होते हैं। पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंक गोल्ड लोन रेट तय करने के लिए इन कीमतों का इस्तेमाल करते हैं। इस साल सोना ₹49,895 और चांदी ₹76,162 महंगी हुई सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

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3 साल में 3 गुना बढ़े 5-10 लाख कमाने वाले:इस बार रिकॉर्ड 10 करोड़ लोग रिटर्न भरेंगे, टैक्सपेयर इनकम की सही जानकारी दे रहे

व्यवसाय | 3 साल में 3 गुना बढ़े 5-10 लाख कमाने वाले:इस बार रिकॉर्ड 10 करोड़ लोग रिटर्न भरेंगे, टैक्सपेयर इनकम की सही जानकारी दे रहे

केंद्र सरकार द्वारा आयकर छूट बढ़ाने से रिवर्स ट्रेंड देखने को मिल रहा है। इनकम टैक्स में छूट बढ़ने के बाद आशंका थी कि टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या और कुल रिटर्न कम हो जाएगा। लेकिन बीते 3 साल में 5 से 10 लाख आय वाले रिटर्न दाताओं की हिस्सेदारी 2.8 गुना बढ़ी है। वित्त वर्ष 2023-24 में 5 लाख से 10 लाख की आय ब्रैकेट में 16.39% लोगों ने रिटर्न भरा था। इसी क्रम में 2024-25 में 37% लोगों ने रिटर्न भरा, जबकि 2025-26 में यह 46% हो चुका है। बता दें कि 2025-26 से न्यू टैक्स रिजीम के तहत अब 12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लेगा। नौकरीपेशा के लिए 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए हो जाएगी। डर खत्म हुआ... इसलिए लोग सामने आए पहली बार इनकम टैक्स कलेक्शन 25 लाख करोड़ रुपए पार होगा संसद में केंद्र ने बताया था कि 5 साल में कॉर्पोरेट, एचयूएफ और व्यक्तिगत आयकरदाताओं को 13.23 लाख करोड़ रुपए की छूट दी गई, लेकिन टैक्स कलेक्शन में गिरावट नहीं आई। इस साल पहली बार कुल 25.2 लाख करोड़ के टैक्स संग्रह का लक्ष्य रखा है। यह 12.75 लाख तक की आय को करमुक्त करने के बाद भी बीते वर्ष के 22.26 लाख करोड़ से 13.36% ज्यादा है। रिटर्न भरने वाले दो साल 2022-23 से 2023-24 के बीच में 1.39 करोड़ बढ़े हैं। इस वर्ष यह संख्या रिकॉर्ड 10 करोड़ पहुंच सकती है। 31 अक्टूबर तक यह संख्या 8 करोड़ को पार कर चुकी है। इसमें ऑडिट और कंपनी के रिटर्न शामिल नहीं हैं।

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दावा-भारत में रूस से 30 गलत पहचान वाले जहाज पहुंचे:इनसे 54 लाख टन कच्चा तेल आयात हुआ; भारत फॉल्स-फ्लैग जहाजों की सबसे बड़ी मंजिल बना

व्यवसाय | दावा-भारत में रूस से 30 गलत पहचान वाले जहाज पहुंचे:इनसे 54 लाख टन कच्चा तेल आयात हुआ; भारत फॉल्स-फ्लैग जहाजों की सबसे बड़ी मंजिल बना

फिनलैंड के थिंक टैंक CREA ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने 54 लाख टन रूसी कच्चा उन 30 जहाजों से आयात किया, जो गलत पहचान (फॉल्स फ्लैग) का इस्तेमाल कर भारत पहुंचे। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) ने कहा कि भारत ने जनवरी से सितंबर 2025 के बीच ये तेल आयात किया। इस अवधि में भारत दुनिया भर में ऐसे गलत पहचान से तेल ले जाने वाले जहाजों की सबसे बड़ी मंजिल बना। प्रतिबंधों से बचने बचने रूस ने शैडो फ्लीट भेजे रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से बचने के लिए रूस ने अपने शैडो फ्लीट यानी पुराने, बिना मालिकाना हक वाले और ट्रैकिंग सिस्टम बंद वाले जहाजों का उपयोग बढ़ा दिया है। CREA का दावा है कि 2025 के पहले नौ महीनों में कुल 113 रूसी जहाज फॉल्स फ्लैग के तहत संचालित हुए और उन्होंने लगभग 11 मिलियन टन 21 हजार करोड़ रुपए का कच्चा तेल ढोया। इनमें से अकेले करीब 10 हजार करोड़ रुपए का 54 लाख टन तेल भारत पहुंचा। 4 सवाल-जवाब में भारत और रशियन ऑयल इंपोर्ट की पूरी कहानी 1. भारत ने रशियन तेल खरीदना क्यों बढ़ाया? 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस पर सैंक्शन लगे। रूस अपना तेल बहुत सस्ता बेचने लगा। पहले भारत रूस से तेल नहीं खरीदता था, लेकिन अब रशियन क्रूड 20-30 डॉलर प्रति बैरल सस्ता मिलने लगा। भारत की रिफाइनरी कंपनियां (रिलायंस, IOC, नायरा, HPCL) ने मौका देखा और खूब तेल खरीदा। 2023-2025 में भारत रोज 17-19 लाख बैरल रशियन क्रूड खरीदने लगा। इससे भारतीय कंपनियों को करोड़ों रुपए की बचत हुई। 2. अमेरिका और यूरोपियन यूनियन ने रूस पर क्या-क्या सैंक्शन लगाए? 3. भारत पर क्या असर पड़ा? 4. अब क्या हो रहा है और आगे क्या होगा?

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सुदीप फार्मा का शेयर 23% ऊपर ₹730 पर लिस्ट:अभी 33% चढ़ा, मार्केट वैल्यू ₹8,189 करोड़ पहुंची; 94 गुना सब्सक्राइब हुआ था

व्यवसाय | सुदीप फार्मा का शेयर 23% ऊपर ₹730 पर लिस्ट:अभी 33% चढ़ा, मार्केट वैल्यू ₹8,189 करोड़ पहुंची; 94 गुना सब्सक्राइब हुआ था

सुदीप फार्मा का IPO आज यानी 28 नवंबर को शेयर बाजार में इश्यू प्राइस 593 से 23% ऊपर 730 रुपए पर लिस्ट हुआ। अभी यह 33% ऊपर 779 पर कारोबार कर रहा है। कंपनी का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 22.26% प्रीमियम के साथ 725 रुपए पर लिस्ट हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 23.10% ऊपर 730 रुपए पर लिस्ट हुआ। आईपीओ का प्राइस बैंड ₹563 से ₹593 के बीच था। लिस्टिंग के बाद कंपनी की मार्केट वैल्यू बढ़कर ₹8,188 करोड़ पर पहुंच गई है। इससे पहले यह ₹6,697 करोड़ थी। IPO में 95 करोड़ का फ्रेश इश्यू, 800 करोड़ का OFS इस IPOकी खास बात यह थी कि ₹895 करोड़ के इश्यू में 800 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल (OFS) और केवल 95 करोड़ का फ्रेश इश्यू था। फिर भी निवेशकों ने इसमें भरोसा जताया और कुल 93.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। फ्रेश इश्यू से मिली राशि में से 75.8 करोड़ रुपए का उपयोग गुजरात के नंदेसरी फैसिलिटी-1 में प्रोडक्शन लाइन के लिए मशीनरी खरीदने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। सुदीप फार्मा का शेयर खरीदें, बेचें या होल्ड करें? स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की हेड ऑफ वेल्थ शिवानी न्याती ने कहा- लिस्टिंग इतनी शानदार हुई क्योंकि IPO से पहले ही डिमांड बहुत तेज थी और निवेशकों को कंपनी के स्पेशलिटी फार्मा इंग्रीडिएंट्स बिजनेस पर पूरा भरोसा था। न्याती के मुताबिक, सुदीप फार्मा की मजबूत लिस्टिंग के पीछे कंपनी की अच्छी पोजीशन है। कंपनी फार्मा और न्यूट्रास्युटिकल के लिए कच्चा माल बनाती है, प्रोडक्ट्स की लंबी लिस्ट है, दुनिया की बड़ी-बड़ी फार्मा कंपनियों से पुराने रिलेशन हैं और एक्सपोर्ट अच्छा है। लेकिन आने वाले कुछ महीनों में मार्जिन पर दबाव, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और स्पेशलिटी केमिकल्स में कॉम्पिटिशन पर नजर रखनी होगी। कंपनी दवा और न्यूट्रिशन इंडस्ट्री के लिए खास सामग्री बनाती है गुजरात की ये कंपनी फार्मास्युटिकल, फूड और न्यूट्रिशन सेक्टर के लिए एक्सीपिएंट्स और स्पेशलिटी इंग्रीडिएंट्स बनाती है। यानी ये वो जरूरी सामग्रियां बनाती है जो दवाइयों और हेल्थ सप्लीमेंट्स को सही आकार, स्वाद, स्थिरता और असर देने में मदद करती हैं। कंपनी का पूरा फोकस ग्लोबल हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर है। इसके लिए ये अपनी इन-हाउस विकसित तकनीकों का इस्तेमाल करती है। इन तकनीकों की मदद से दवाइयां और न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स ज्यादा असरदार, स्थिर और यूजर-फ्रेंडली बनते हैं। उदाहरण के तौर पर, ये तकनीक दवाइयों को कड़वा स्वाद छुपाने, सही तरीके से घुलने में मदद करती है। कंपनी का दावा है कि इन इनोवेटिव समाधानों से फार्मा और न्यूट्रिशन इंडस्ट्री में प्रोडक्ट की क्वालिटी और प्रभावशीलता को नई ऊंचाई मिल रही है।

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वित्त-वर्ष 2026 में GDP ग्रोथ 6.6% रहने का अनुमान:IMF ने कहा- बाहरी चुनौतियों के बावजूद भारत की इकोनॉमी मजबूत, महंगाई भी कंट्रोल में रहेगी

व्यवसाय | वित्त-वर्ष 2026 में GDP ग्रोथ 6.6% रहने का अनुमान:IMF ने कहा- बाहरी चुनौतियों के बावजूद भारत की इकोनॉमी मजबूत, महंगाई भी कंट्रोल में रहेगी

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने कहा कि बाहरी चुनौतियों जैसे ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की इकोनॉमी मजबूत बनी रहेगी। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की रियल GDP ग्रोथ 6.6% रहने का अनुमान है। वहीं अगले साल (वित्त-वर्ष 2026-27) यह थोड़ी घटकर 6.2% पर आ सकती है। इसके अलावा IMF ने अपनी लेटेस्ट वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में यह भी कहा है कि भारत में महंगाई भी कंट्रोल में रहेगी। IMF का प्रोजेक्शन, भारत की ग्रोथ तेज क्यों बनी रहेगी? IMF की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की इकोनॉमी ग्लोबल स्तर पर सबसे तेज बढ़ने वाली बड़ी इकोनॉमीज में शामिल रहेगी। वित्त वर्ष 2024-25 में 6.5% ग्रोथ के बाद, 2025-26 के पहले क्वार्टर में जीडीपी 7.8% बढ़ चुकी है। यह घरेलू डिमांड और बेहतर कंडीशंस की वजह से है। बाहरी हेडविंड्स जैसे ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन या जियोपॉलिटिकल रिस्क्स का असर कम पड़ेगा। रिपोर्ट में ग्रोथ के लिए डोमेस्टिक फैक्टर्स को क्रेडिट दिया गया है, जो भारत को रेजिलिएंट बनाते हैं। रिपोर्ट का एक अहम पॉइंट महंगाई का है। IMF ने कहा, 'हेडलाइन इन्फ्लेशन प्रोजेक्टेड टू रिमेन वेल कंटेन्ड।' मतलब आने वाले महीनों में प्राइसेस स्टेबल रहेंगे। भारत में पहले से ही इन्फ्लेशन RBI के टारगेट के आसपास है, जो इकोनॉमी को बूस्ट देगा। यह कंट्रोल्ड इन्फ्लेशन कंज्यूमर कॉन्फिडेंस बढ़ाएगा और इन्वेस्टमेंट को सपोर्ट करेगा। वर्ल्ड बैंक ने भी भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया था IMF से पहले वर्ल्ड बैंक और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी भारत की GDP ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया। वर्ल्ड बैंक ने पिछले हफ्ते FY26 के लिए अपने अनुमान को 6.3% से बढ़ाकर 6.5% किया, जिसमें मजबूत खपत और जीएसटी सुधारों को वजह बताया। वहीं RBI ने भी अपने अनुमान को 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया। बाहरी चुनौतियां क्या हैं, ग्रोथ कैसे बनी रहेगी? IMF ने एक्सटर्नल हेडविंड्स का जिक्र किया है, जैसे ग्लोबल ट्रेड टेंशंस, हाई इंटरेस्ट रेट्स या सप्लाई चेन इश्यूज। लेकिन रिपोर्ट कहती है कि एक्सटर्नल हेडविंड्स के बावजूद फेवरेबल डोमेस्टिक कंडीशंस की वजह से भारत की ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी। इसके अलावा भारत की स्ट्रॉन्ग डोमेस्टिक डिमांड और पॉलिसी सपोर्ट इसे बचाएंगे। पिछले सालों में भारत ने कोविड और ग्लोबल क्राइसिस से रिकवर किया है, जो इस बार भी मदद करेगा। IMF के एक्सपर्ट्स ने क्या कहा? IMF के सीनियर ऑफिशियल ने कहा, 'यह प्रोजेक्शन भारत को चाइना और अन्य इमर्जिंग मार्केट्स से आगे रखता है। डोमेस्टिक फैक्टर्स ग्रोथ को सस्टेनेबल बनाएंगे। ये स्टेटमेंट्स IMF की लेटेस्ट मीटिंग्स और डेटा एनालिसिस पर बेस्ड हैं। भारत की इकोनॉमी कहां पहुंचेगी? IMF की रिपोर्ट से साफ है कि भारत अगले दो सालों में 6% से ऊपर ग्रोथ बनाए रखेगा। यह ग्लोबल इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव सिग्नल है, क्योंकि भारत कंज्यूमर मार्केट और मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है। फ्यूचर में अगर गवर्नमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस रखे, तो ग्रोथ 7% तक जा सकती है। लेकिन बाहरी रिस्क्स जैसे ऑयल प्राइसेस या क्लाइमेट चेंजेस पर नजर रखनी होगी। ओवरऑल, यह रिपोर्ट इन्वेस्टर्स के लिए अच्छी खबर है।

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मीशो IPO का प्राइस बैंड ₹105-111 तय:2015 में दो दोस्तों ने अपार्टमेंट से शुरू की थी कंपनी, आज इसकी वैल्यू ₹50 हजार करोड़

व्यवसाय | मीशो IPO का प्राइस बैंड ₹105-111 तय:2015 में दो दोस्तों ने अपार्टमेंट से शुरू की थी कंपनी, आज इसकी वैल्यू ₹50 हजार करोड़

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स मीशो का IPO 3 दिसंबर 2025 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने प्राइस बैंड ₹105 से ₹111 प्रति शेयर के बीच तय किया है। लॉट साइज 135 शेयर का है, यानी रिटेल इन्वेस्टर्स को ऊपरी प्राइस पर न्यूनतम ₹14,685 लगाने होंगे। IPO 5 दिसंबर को बंद होगा, अलॉटमेंट 8 दिसंबर को और लिस्टिंग 10 दिसंबर को BSE-NSE पर होगी। मीशो का IPO कुल ₹5,421 करोड़ का है। IPO में ₹4,250 करोड़ का फ्रेश इश्यू (38.29 करोड़ शेयर) और 1171 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल (10.55 करोड़ शेयर) है। GMP पर नजर: अभी 30% प्रीमियम दिखा रहा मीशों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी 30% है। यानी, लिस्टिंग पर अच्छा गेन मिल सकता है। IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम ये बताता है कि लिस्टिंग से पहले अनऑफिशियल मार्केट में लोग उस IPO के शेयर को कितने रुपए ज्यादा देकर खरीदने को तैयार हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑफिशियल तरीका है जिसमें कुछ ट्रेडर लिस्टिंग से पहले ही शेयर खरीदते-बेचते हैं। चूंकि GMP ये दिखाता है कि लोग कितना प्रीमियम देने को तैयार हैं, इसलिए ज्यादातर निवेशक इसी से अंदाजा लगाते हैं कि शेयर लिस्टिंग के दिन कितने रुपए पर खुलेगा। कई बार ग्रे मार्केट प्रीमियम बिल्कुल सटीक साबित होता है, कई बार थोड़ा ऊपर-नीचे भी हो जाता है। लेकिन ये लिस्टिंग गेन का अंदाजा लगाने का सबसे पॉपुलर तरीका है । फंड्स का इस्तेमाल: AI और क्लाउड पर फोकस मीशो के फ्रेश इश्यू से आने वाले ₹4,250 करोड़ का बड़ा हिस्सा टेक्नोलॉजी पर जाएगा। ₹1,390 करोड़ मीशो टेक्नोलॉजीज सब्सिडियरी के लिए क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा। मार्केटिंग-ब्रांडिंग पर ₹1,020 करोड़ खर्च होंगे। ₹480 करोड़ मशीन लर्निंग और AI टीम्स पर सैलरी पर खर्च होंगे। बाकी इनऑर्गेनिक ग्रोथ और जनरल कॉर्पोरेट पर्पस के लिए है। 2015 में दो दोस्तों ने एक अपार्टमेंट से शुरू की थी कंपनी IIT दिल्ली के दो दोस्तों विदित आत्रेय और संजीव बरनवाल ने 2015 में मीशो शुरू की थी। बेंगलुरु के कोरमंगला इलाके के दो बेडरूम अपार्टमेंट में इनका ऑफिस था। डाइनिंग टेबल ही उनका पहला वर्कस्टेशन था। दोनों ने रिस्क लिया और छोटे-छोटे स्टेप्स से आगे बढ़े। ये सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म आज भारत की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शुमार है, जहां छोटे शहरों की महिलाएं बिना इन्वेस्टमेंट के प्रोडक्ट्स बेचकर कमाई कर रही हैं। मीशो की शुरूआत छोटी थी, लेकिन फंडिंग और यूजर ग्रोथ से ये 50 हजार करोड़ रुपए का बिजनेस बन गया। ये सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म कस्टमर्स, सेलर्स, लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को एक ही टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है। इससे छोटे-छोटे मैन्युफैक्चरर और डिस्ट्रीब्यूटर भी अच्छा कारोबार कर पा रहे हैं, जो पहले बड़े प्लेटफॉर्म्स पर जगह नहीं बना पाते थे। मीशो ने सोशल मीडिया की ताकत का फायदा उठाया पारंपरिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (जैसे फ्लिपकार्ट-अमेजन) से बिल्कुल अलग, मीशो ने सोशल मीडिया की ताकत का फायदा उठाया। यहां सेलर्स या "रीसेलर" एप पर प्रोडक्ट्स चुनते हैं और अपने पर्सनल नेटवर्क यानी व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम ग्रुप्स में शेयर करके बेचते हैं। इस नए तरीके से ऑनलाइन बिजनेस करना हर किसी के लिए आसान हो गया। कोई भी व्यक्ति बिना एक रुपया लगाए अपना छोटा-मोटा बिजनेस शुरू कर सकता है। मीशो ने फैशन, लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स, छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स और अनब्रांडेड सामान पर फोकस किया। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: रेवेन्यू बढ़ा, लॉस में कमी सितंबर 2025 तक के छह महीनों में रेवेन्यू 29.4% बढ़कर ₹5,577.5 करोड़ हो गया, जो पिछले साल के इसी पीरियड के ₹4,311.3 करोड़ से ज्यादा है। इसी दौरान लॉस घटकर ₹700.7 करोड़ रह गया, जो पहले ₹2,512.9 करोड़ था। यह ग्रोथ यूजर बेस बढ़ने और ऑर्डर वॉल्यूम से आई है। लेकिन कंपनी अभी भी लॉस में चल रही है, जो ई-कॉमर्स सेक्टर का कॉमन चैलेंज है। कंपनी के साथ जिन दूसरी कंपनियों की तुलना की जाती है, उनमें शामिल है- इटर्नल, स्विगी, फर्स्टक्राई, नायका, विशाल मेगा मार्ट, डी मार्ट। तुलना से मतलब है जिनका बिजनेस कुछ-कुछ ऐसा ही है और जो पहले से शेयर बाजार में लिस्ट हैं। इनके शेयर प्राइस से पता चलता है कि मीशो जैसी कंपनी की वैल्यू कितनी हो सकती है। ऑडर्स के मामले में मीशो नंबर-1 पोजीशन पर 30 सितंबर 2025 तक के 12 महीनों में मीशो ने सबसे ज्यादा ऑर्डर्स और हर साल खरीदारी करने वाले यूजर्स के मामले में भारत में नंबर-1 पोजीशन हासिल की है। मीशो की 2023 में औसत ऑर्डर वैल्यू 337 रुपए थी, जो 2025 में घटकर सिर्फ ₹274 रह गई। इसके बावजूद कुल ऑर्डर्स 183 करोड़ तक पहुंच गए। प्रमुख निवेशक: सॉफ्टबैंक और प्रोसस की बड़ी हिस्सेदारी मीशो के बड़े शेयरहोल्डर्स में इलेवेशन कैपिटल (15.11%), प्रोसस की नैस्पर्स वेंचर्स (12.34%), पीक XV पार्टनर्स (11.3%), सॉफ्टबैंक की SVF II मीरकैट (9.3%) और वेस्टब्रिज क्रॉसओवर फंड (3.92%) शामिल हैं। ये इन्वेस्टर्स OFS में शेयर बेचेंगे। भविष्य की संभावनाएं: ई-कॉमर्स ग्रोथ का फायदा भारत का ई-कॉमर्स मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और मीशो टियर-2, टियर-3 शहरों में पॉपुलर है। IPO के बाद कंपनी AI और क्लाउड इन्वेस्टमेंट से यूजर एक्सपीरियंस बेहतर करेगी। हालांकि, अमेजन, फ्लिपकार्ट से मीशो का कड़ा कॉम्पिटिशन है। प्रॉफिटेबिलिटी पर भी फोकस जरूरी है। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए ये अच्छी ऑपर्चुनिटी वाला IPO लगता है।

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एपल भारत में पांचवां स्टोर खोलेगा:11 दिसंबर को नोएडा के DLF मॉल में ओपनिंग; इस साल तीसरा आउटलेट ओपन होगा

व्यवसाय | एपल भारत में पांचवां स्टोर खोलेगा:11 दिसंबर को नोएडा के DLF मॉल में ओपनिंग; इस साल तीसरा आउटलेट ओपन होगा

एपल ने भारत में अपना पांचवां रिटेल स्टोर 11 दिसंबर को नोएडा के DLF मॉल ऑफ इंडिया में खोलने का ऐलान किया है। यह दिल्ली NCR का दूसरा स्टोर होगा, पहला अप्रैल 2023 में दिल्ली में खुला था। बेंगलुरु (2 सितंबर) और पुणे (4 सितंबर) के बाद 2025 में एपल का यह तीसरा स्टोर ओपन होगा। CEO टिम कुक ने कहा था कि भारत में मुंबई-दिल्ली के अलावा चार और स्टोर खोले जाएंगे। नोएडा स्टोर में आईफोन 17 सीरीज, M5-पावर्ड मैकबुक प्रो और 14 मैकबुक प्रो जैसे लेटेस्ट प्रोडक्ट्स मिलेंगे। कस्टमर्स नए फीचर्स ट्राई कर सकेंगे। स्पेशलिस्ट, क्रिएटिव्स, जीनियस और बिजनेस टीम्स एक्सपर्ट सपोर्ट देंगे। भारत में तेजी से बढ़ रही एपल की ग्रोथ एपल के लिए भारत लगातार महत्वपूर्ण बाजार के रूप में उभरा है। मार्केट ट्रैकर IDC के अनुसार, 2025 में कंपनी देश में 15 करोड़ आईफोन बेच सकती है। इससे एपल का मार्केट शेयर पहली बार 10% से ऊपर जा सकता है। सितंबर तिमाही में एपल भारत का चौथा सबसे बड़ा स्मार्टफोन विक्रेता बना, जहां कंपनी ने लगभग 5 मिलियन यूनिट की बिक्री के साथ 25% सालाना वृद्धि दर्ज की। कुक ने हाल के कई एनालिस्ट कॉल में भारत को स्टैंडआउट मार्केट बताया है जहां कंपनी ने लगातार 15 तिमाहियों से रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया है। स्टोर में 'टुडे एट एपल' सेशन्स भी होंगे नोएडा स्टोर में 'टुडे एट एपल' सेशन्स का आयोजन होंगे, जो पूरी तरह फ्री होंगे। इन सेशन्स में एपल के क्रिएटिव्स ग्राहकों को डिजिटल आर्ट, स्टोरीटेलिंग, प्रोडक्टिविटी और कोडिंग जैसे विषयों पर वर्कशॉप्स देंगे। ये सेशन्स उन लोगों के लिए खास होंगे जो अपने एपल डिवाइसेज का बेहतर इस्तेमाल सीखना चाहते हैं या कुछ नया और रचनात्मक करना चाहते हैं। गैजेट्स खरीद सकेंगे और सर्विस भी मिलेगी

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चांदी एक दिन में ₹2,705 बढ़ी:153 दिन बाद बाजार 1000 अंक से ज्यादा चढ़ा; एपल फिर दुनिया का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड बन सकता है

व्यवसाय | चांदी एक दिन में ₹2,705 बढ़ी:153 दिन बाद बाजार 1000 अंक से ज्यादा चढ़ा; एपल फिर दुनिया का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड बन सकता है

कल की बड़ी खबर शेयर बाजार से जुड़ी रही। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार, 26 नवंबर को बड़ी बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 1023 अंक (1.21%) चढ़कर 85,610 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 321 अंक की तेजी रही, ये 26,205 पर बंद हुआ। कल की बड़ी खबरों से पहले आज की सुर्खियां, जिन पर रहेगी नजर... अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1.एपल फिर बन सकता है दुनिया का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड:आईफोन 17 की तेज बिक्री से 14 साल बाद सैमसंग को पीछे छोड़ेगा एपल एक दशक के बाद सैमसंग को पीछे छोड़कर फिर दुनिया का नंबर 1 स्मार्टफोन ब्रांड बन सकता है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक इसका कारण आईफोन 17 सीरीज की तेजी से बढ़ रही सेल होगी। इससे पहले 2011 में एपल ने नंबर की पोजिशन हासिल की थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 2.153 दिन बाद बाजार 1000 अंक से ज्यादा चढ़ा:सेंसेक्स 1.21% ऊपर 85,610 पर बंद; निवेशकों की वेल्थ 6 लाख करोड़ बढ़ी हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार, 26 नवंबर को बड़ी बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 1023 अंक (1.21%) चढ़कर 85,610 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 321 अंक की तेजी रही, ये 26,205 पर बंद हुआ। आज सेंसेक्स के 30 में 28 शेयर्स चढ़कर बंद हुए। बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और रिलायंस सहित कुल 22 शेयरों में 1% से ज्यादा की तेजी रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 3.सोना 962 रुपए महंगा होकर ₹1.26 लाख पर पहुंचा:चांदी में ₹2,705 की तेजी; इस साल गोल्ड के ₹50,000 और सिल्वर के ₹73,000 चढ़े दाम सोना-चांदी के दाम में आज यानी बुधवार, 26 नवंबर को तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोना 962 रुपए महंगा होकर 1,26,081 रुपए पर पहुंच गया है। कल 10 ग्राम सोना 1,25,119 रुपए का था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 4. HP 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी: AI पर फोकस बढ़ाने के लिए स्ट्रक्चरिंग, कंपनी की ₹8,927 करोड़ की सेविंग होगी अमेरिकी टेक कंपनी HP इंक ने ग्लोबल लेवल पर 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी का प्लान बनाया है। कंपनी का यह प्लान FY28 यानी फिस्कल ईयर 2028 के आखिरी तक पूरा होगा। कंपनी का कहना है कि मेमोरी चिप के दामों में तेजी से लागत बढ़ रही है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। साथ ही AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस बढ़ाने के लिए ऑपरेशंस को स्ट्रिमलाइन किया जा रहा है। इससे कंपनी को तीन साल में 1 बिलियन डॉलर यानी 8,927 करोड़ रुपए की ग्रॉस सेविंग होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 5. iQOO 15 फ्लैगशिप स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹72,999:स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 चिपसेट के साथ 7000mAh बैटरी, शुरुआती कीमत 72,999 गेमिंग फोन बनाने वाली टेक कंपनी आईक्यू ने आज (26 नवंबर) भारत में नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन iQOO 15 लॉन्च किया है। यह फोन क्वालकॉम के फ्लैगशिप 3Nm ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 चिपसेट से लैस है। इस चिपसेट के साथ ये कंपनी का पहला और भारत में दूसरा फोन है। इससे पहले वनप्लस 15 इसी प्रोसेसर के साथ आया था। इसके अलावा, फोन में 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग के साथ 7000mAh बैटरी, 2K रेजोल्यूशन वाला 6.85-इंच डिस्प्ले मिलता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए... कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए... पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...

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शेयर मार्केट 14 महीने बाद ऑलटाइम हाई पर:चांदी एक दिन में ₹3,642 महंगी हुई, अप्रैल 2026 से 7 दिन में क्रेडिट स्कोर अपडेट होगा

व्यवसाय | शेयर मार्केट 14 महीने बाद ऑलटाइम हाई पर:चांदी एक दिन में ₹3,642 महंगी हुई, अप्रैल 2026 से 7 दिन में क्रेडिट स्कोर अपडेट होगा

कल की बड़ी खबर शेयर बाजार से जुड़ी रही। शेयर मार्केट 14 महीने बाद ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। निफ्टी ने कारोबार के दौरान 26,310 और सेंसेक्स ने 86,055 का लेवल छुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने 27 सितंबर 2024 को 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का ऑलटाइम हाई बनाया था। वहीं, चांदी 3,642 रुपए महंगी होकर 1,62,667 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले चांदी की कीमत 1,59,025 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 17 अक्टूबर को सोने ने 1,30,874 रुपए और 14 अक्टूबर को चांदी ने 1,78,100 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। कल की बड़ी खबरों से पहले आज की सुर्खियां, जिन पर रहेगी नजर... अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें... 1. शेयर मार्केट 14 महीने बाद ऑलटाइम हाई पर पहुंचा: सेंसेक्स ने 86,055 का लेवल छुआ, 110 अंक बढ़कर 85,720 के स्तर पर बंद शेयर मार्केट 27 नवंबर को 14 महीने बाद ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। निफ्टी ने कारोबार के दौरान 26,310 और सेंसेक्स ने 86,055 का लेवल छुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने 27 सितंबर 2024 को 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का ऑलटाइम हाई बनाया था। हालांकि बाद में ये ऑल टाईम हाई से नीचे आया। सेंसेक्स केवल 110 अंक की तेजी के साथ 85,720 पर बंद हुआ है। वहीं निफ्टी में 10 अंक की तेजी रही। ये 26,215 पर बंद हुआ। निफ्टी के ऑटो, फाइनेंस और बैंकिंग शेयर्स में तेजी रही। वहीं IT और रियल्टी सेक्टर में गिरावट आई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 2. अप्रैल 2026 से 7 दिन में क्रेडिट स्कोर अपडेट होगा: अभी 15 दिन में होता है, बैंक और आम लोग दोनों को फायदा; जानें डिटेल्स अप्रैल 2026 से क्रेडिट स्कोर अपडेट होने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सभी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों (CICS) को हर 7 दिन में क्रेडिट स्कोर अपडेट करना होगा। अभी स्कोर 15 दिन में एक बार अपडेट होता है। RBI ने इसे लेकर बीते दिनों ड्राफ्ट जारी किया था। RBI के प्रस्ताव के अनुसार, अब सिबिल और एक्सपीरियन जैसी सभी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों हर महीने डेटा पांच बार अपडेट करेंगी। ये अपडेट हर महीने की 7 तारीख, 14 तारीख, 21 तारीख, 28 तारीख और महीने की आखिरी तारीख को किए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 3. चांदी एक दिन में ₹3,642 महंगी हुई: ₹1.62 लाख प्रति किलो पहुंची; सोना ₹1.26 लाख प्रति 10 ग्राम पर आया सोना के दाम में 27 नवंबर को गिरावट देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम सोना 24 रुपए सस्ता होकर 1,26,057 रुपए पर आ गया है। कल 10 ग्राम सोना 1,26,081 रुपए का था। वहीं, चांदी 3,642 रुपए महंगी होकर 1,62,667 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले चांदी की कीमत 1,59,025 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 17 अक्टूबर को सोने ने 1,30,874 रुपए और 14 अक्टूबर को चांदी ने 1,78,100 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 4. सोवरेन गोल्ड-बॉन्ड में 1 लाख का निवेश 4.29 लाख बना: रिडेम्प्शन प्राइस 12,484 रुपए प्रति यूनिट तय; सरकार ने घाटे के कारण स्कीम बंद की RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2017-18 सीरीज-IX का रिडेम्प्शन प्राइस 12,484 रुपए प्रति यूनिट तय किया है। अगर आपने 2017 में 1 लाख रुपए इसमें लगाए थे, तो आज ये 4.29 लाख रुपए हो गया है। RBI ने कहा कि इस ट्रांच की फाइनल रिडेम्पशन तारीख 27 नवंबर 2025 होगी। SGB को केंद्र सरकार की ओर से RBI जारी करता है। ये फिजिकल गोल्ड का सुरक्षित विकल्प है, जिसमें स्टोरेज या प्योरिटी की चिंता नहीं। इसमें सोने की कीमत बढ़ने पर फायदा मिलता है।2.5% सालाना इंटरेस्ट भी मिलता है। यह स्कीम 2015 में शुरू की गई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 5. दुनिया का पहला एंटी-ड्रोन पैट्रोल व्हीकल इंद्रजाल रेंजर लॉन्च: AI की मदद से 10km दूर से ड्रोन डिटेक्ट करेगा, 4km दूर तक मारक क्षमता दुनिया का पहला फुली मोबाइल AI-इनेबल्ड एंटी-ड्रोन पैट्रोल व्हीकल 'इंद्रजाल रेंजर' लॉन्च किया गया है। ये सिंगल मूवमेंट में ही ड्रोन को 10 किलोमीटर दूर से डिटेक्ट और ट्रैक कर सकता है। यही नहीं 4 किलोमीटर दूर से न्यूट्रलाइज भी कर सकता है। इसे हैदराबाद की एरियल डिफेंस सिस्टम वाली कंपनी इंद्रजाल ड्रोन डिफेंस ने बनाया है। कंपनी ने इसे शहरों और बॉर्डर एरिया में बिना इजाजत उड़ने वाले ड्रोन्स को ढूंढकर रोकने के लिए डिजाइन किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... 6. महिंद्रा XEV 9S लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹19.95 लाख: 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV में पैनोरमिक सनरूफ और ट्विन 12.3-इंच स्क्रीन, 679km तक की रेंज महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 27 नवंबर को अपने स्क्रीम इलेक्ट्रिक इवेंट के दूसरे दिन नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV लॉन्च की है। भारत में इलेक्ट्रिक कार को तीन बैटरी पैक ऑप्शन के साथ 6 वैरिएंट में उतारा गया है और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 19.95 लाख रुपए रखी गई है। इसे XEV 9e के INGLO प्लेटफॉर्म पर ही बनाया गया है, लेकिन ये 1.95 लाख रुपए सस्ती है। XEV 9S की बुकिंग अगले साल 14 जनवरी से शुरू होगी और इसकी डिलीवरी 23 जनवरी 2026 से की जाएगी। कार की टेस्ट ड्राइव यूनिट 5 दिसंबर से डीलरशिप पर मिलेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें... कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए... कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए... पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...

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नैनो-बनाना प्रो से अब फर्जी आधार और पैन-कार्ड बन रहे:फोटो-नाम और डिटेल्स डालकर रियल जैसे बन जाते हैं डॉक्यूमेंट्स, गूगल की सेफ्टी गाइडलाइंस पर सवाल

व्यवसाय | नैनो-बनाना प्रो से अब फर्जी आधार और पैन-कार्ड बन रहे:फोटो-नाम और डिटेल्स डालकर रियल जैसे बन जाते हैं डॉक्यूमेंट्स, गूगल की सेफ्टी गाइडलाइंस पर सवाल

गूगल का नया AI मॉडल नैनो बनाना प्रो तेजी से पॉपुलर हो रहा है, लेकिन इससे अब फर्जी आधार और पैन कार्ड भी जनरेट किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बात सामने आई कि ये मॉडल यूजर्स के प्रॉम्प्ट पर बिना किसी चेतावनी के रियलिस्टिक लुकिंग डॉक्यूमेंट बना देता है। इसमें यूजर का फोटो, फर्जी नाम और ID नंबर्स सब कुछ रियल ID की तरह ऐड हो जाते हैं। ये प्राइवेसी और फ्रॉड का बड़ा खतरा पैदा कर रहा है। नैनो बनाना प्रो क्या है, कैसे काम करता है नैनो बनाना प्रो गूगल के जेमिनी नैनो मॉडल का अपग्रेडेड वर्जन है, जो पिछले हफ्ते लॉन्च हुआ है। ये कैरेक्टर कंसिस्टेंसी में बेहतर है। इसके अलावा ये 4K इमेज जनरेट और ऐडिट कर सकता है और गूगल सर्च से इंटीग्रेटेड है। सोशल मीडिया पर नैनो बनाना प्रो पॉपुलर भी हो गया है। क्योंकि ये स्टाइलिश पोर्ट्रेट्स बना सकता है, लिंक्डइन प्रोफाइल को AI इन्फोग्राफिक्स में बदल देता है और कॉम्प्लेक्स टेक्स्ट को व्हाइटबोर्ड समरी में कन्वर्ट कर देता है। लेकिन प्रॉब्लम ये है कि ये सेंसिटिव कंटेंट पर कोई सेफ्टी चेक नहीं करता। प्रॉम्प्ट से फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाया जांच में जब फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने के लिए प्रॉम्प्ट दिया गया, तो मॉडल ने बिना सवाल किए इमेज जनरेट कर दी। इसमें जेमिनी वॉटरमार्क दिखता है और इनविजिबल सिंथआईडी वॉटरमार्किंग भी ऐड हो जाती है ताकि ये रियल से अलग लगे। लेकिन वॉटरमार्क आसानी से रिमूव हो जाता है। प्रिंट करके या जल्दी दिखाने पर ये असली डॉक्यूमेंट जैसा लग सकता है। वहीं एक यूजर ने अपना फोटो और फर्जी डिटेल्स डाले, तो सब कुछ परफेक्टली ऐड हो गया। सेफ्टी की वजह से प्रॉम्प्ट्स शेयर नहीं किए गए हैं। जांच में क्या-क्या मिला, पुराने मॉडल्स से तुलना जांच में पाया गया कि नैनो बनाना प्रो ने फेक आधार कार्ड पर जेमिनी वॉटरमार्क के साथ इमेज बनाई, जहां यूजर का फोटो, नाम, जन्मतिथि और 12-डिजिट आधार नंबर सब फिट हो गया। इसी तरह पैन कार्ड पर भी AI जनरेटेड मार्किंग थी, लेकिन फर्जी नाम, पिता का नाम और 10-डिजिट PAN नंबर रियल लग रहे थे। मॉडल ने सेक्शुअली सजेस्टिव कंटेंट या वायलेंस से जुड़े प्रॉम्प्ट्स को ब्लॉक कर दिया, लेकिन ID प्रूफ्स पर कोई रेस्ट्रिक्शन नहीं लगाया। ये पहली बार नहीं है, जब AI मॉडल्स ने फेक ID प्रूफ्स बनाए। पहले चैटजीपीटी के GPT-4o मॉडल ने भी 'गिबली मोमेंट' के दौरान ऐसा किया था, लेकिन नैनो बनाना प्रो इससे कहीं बेहतर इमेज क्वालिटी देता है। रिपोर्ट में कहा गया, 'ये चैटजीपीटी से कई गुना बेहतर रियलिस्टिक इमेज क्रिएट करता है।' इससे गूगल की सेफ्टी टीम्स पर सवाल उठे हैं कि बेसिक मिसयूज को क्यों नहीं रोका गया, जबकि कंपनी स्ट्रिक्ट गाइडलाइंस के लिए जानी जाती है। रिस्क्स क्या हैं, प्राइवेसी पर क्या असर फर्जी आधार और पैन कार्ड बनने से प्राइवेसी का बड़ा खतरा है। रियल लाइफ में इनका इस्तेमाल फ्रॉड, आइडेंटिटी थेफ्ट या गलत वेरिफिकेशन के लिए हो सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि वॉटरमार्क रिमूव करके प्रिंटेड वर्जन को हड़बड़ी में असली समझ लिया जा सकता है। भारत जैसे देश में जहां आधार और पैन हर सर्विस के लिए जरूरी हैं, यहां ये प्रॉब्लम और गंभीर हो जाती है। अभी तक कोई स्पेसिफिक इनसिडेंट्स रिपोर्ट नहीं हुए, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये फ्रॉड को आसान बना सकता है। गूगल ने इस पर अभी कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया है। एक्सपर्ट्स ने क्या कहा, आगे क्या हो सकता है एक्सपर्ट्स ने चिंता जताते हुए कहा कि गूगल का जेमिनी नैनो बनाना प्रो मॉडल सोशल मीडिया पर पॉपुलर हो गया है, लेकिन ये फेक ID प्रूफ्स जनरेट करने में बिना हिचकिचाहट के काम कर रहा है। सवाल है कि गूगल की सेफ्टी टीम्स ने इस बेसिक मिसयूज को क्यों नहीं रोका, जबकि यूजर्स कंपनी को स्ट्रिक्ट गार्ड्रेल्स के लिए क्रिटिसाइज करते रहे हैं। फ्यूचर में गूगल को सेंसिटिव प्रॉम्प्ट्स पर और स्ट्रॉन्ग फिल्टर्स लगाने पड़ सकते हैं। वहीं भारत सरकार या UIDAI जैसी अथॉरिटीज से इस पर गाइडलाइंस आ सकती हैं। यूजर्स को सलाह है कि AI टूल्स का इस्तेमाल सावधानी से करें।

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रोहित शर्मा-तिलक वर्मा ने स्वराज सूटिंग में 11000 शेयर खरीदे:लिस्ट में KKR कोच भी शामिल; कंपनी का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से ₹103 करोड़ जुटाने का प्लान

व्यवसाय | रोहित शर्मा-तिलक वर्मा ने स्वराज सूटिंग में 11000 शेयर खरीदे:लिस्ट में KKR कोच भी शामिल; कंपनी का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से ₹103 करोड़ जुटाने का प्लान

SME कंपनी स्वराज सूटिंग ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से ₹103 करोड़ जुटाने का प्लान पास किया है। इसमें पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और तिलक वर्मा को 11-11 हजार शेयर मिलेंगे। लिस्ट में KKR कोच अभिषेक मोहन नायर और श्रेयस अय्यर के पिता संतोष वेंकटेश्वरन अय्यर भी हैं। कुल 198 लोगों को शेयर अलॉट होंगे। शेयर प्राइस ₹236 रखा गया है। प्रेफरेंशियल इश्यू क्या है, कंपनी इससे पैसा कैसे जुटाती है? कंपनी चुनिंदा लोगों को सीधे शेयर बेचकर पैसा जुटाती है। IPO की तरह पब्लिक को नहीं बेचती, बल्कि खुद तय करती है कि किसको शेयर देना है। जैसे बड़े इन्वेस्टर, प्रमोटर, दोस्त, रिश्तेदार या सेलिब्रिटी। प्रेफरेंशियल इश्यू की डिटेल्स 25 नवंबर की एक्सचेंज फाइलिंग में बोर्ड ने 43.76 लाख शेयर प्रेफरेंशियल बेसिस पर ₹236 प्रति शेयर के हिसाब से जारी करने को मंजूरी दी। इससे ₹103.28 करोड़ आएंगे। इसके अलावा कन्वर्टिबल वॉरंट्स से ₹160.41 करोड़ जुटाने का प्लान है। कुल 263 करोड़ तक फंड रेज हो सकता है। EGM 24 दिसंबर को बुलाई गई है। टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनी है स्वराज सूटिंग स्वराज सूटिंग टेक्सटाइल सेक्टर की SME कंपनी है। इसका शेयर आज NSE पर 2.90% चढ़कर ₹280 पर बंद हुआ। दिन में 52 वीक हाई ₹287.45 तक गया। नवंबर में 43% और अक्टूबर में 20% चढ़ा। IPO प्राइस ₹56 था, मार्च 2022 में लिस्टिंग हुई। अब तक 400% रिटर्न दे चुका है। Q2 FY26 में रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹204.16 करोड़ और PAT 67% बढ़कर ₹23.66 करोड़ रहा। उधार लेने की सीमा बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करेगी कंपनी फंडरेज़िंग के अलावा, स्वराज सूटिंग ने कई अन्य वित्तीय प्रस्तावों पर भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। इनमें उन संस्थाओं को ₹75 करोड़ तक ऋण या गारंटी देने की अनुमति शामिल है जिनमें कंपनी के निदेशकों की हिस्सेदारी या दिलचस्पी हो सकती है। कंपनी ने अपनी उधार लेने की सीमा बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करने और इतनी ही राशि तक अपनी संपत्तियों पर चार्ज या मॉर्गेज बनाने की अनुमति का भी प्रस्ताव रखा है।

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गेमिंग प्लेटफॉर्म विंजो के दो संस्थापक गिरफ्तार:ED ने 505 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की; बैन के बावजूद गेमर्स के 43 करोड़ रोक रखे थे

व्यवसाय | गेमिंग प्लेटफॉर्म विंजो के दो संस्थापक गिरफ्तार:ED ने 505 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की; बैन के बावजूद गेमर्स के 43 करोड़ रोक रखे थे

ईडी ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म विंजो के संस्थापक पवन नंदा और सौम्या सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। विंजो के पास मौजूद कुल 505 करोड़ रु. मूल्य के बॉन्ड, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड को पीएमएलए के तहत फ्रीज किया गया है। ईडी के अनुसार कंपनी ने 43 करोड़ रुपए की गेमर्स (खिलाड़ियों) की राशि रोककर रखी थी, जिसे देश में रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) पर बैन लगने के बाद गेमर्स को लौटाना था। दोनों को बेंगलुरु की लोकल अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की ईडी कस्टडी दी गई। अगली सुनवाई की तारीख सामने नहीं आई है। विन्जो के 2 फाउंडर जिन्हें अरेस्ट किया गया... विन्जो के बारे में जानिए विन्जो भारत का प्रमुख सोशल गेमिंग ऐप है। 2018 में पवन नंदा और सौम्या ने मिलकर WinZO की स्थापना की। इस प्लेटफार्म पर 100 से ज्यादा स्किल-बेस्ड गेम्स जैसे लूडो, कैरम, शतरंज, पजल्स उपलब्ध हैं। इसके 25 करोड़ से ज्यादा भारतीय यूजर्स हैं, जबकि ग्लोबल 250 मिलियन हैं। यहां पर फ्री गेम्स, रेफर से कमाई करने का दावा किया जाता है। इसी साल रियल मनी गेमिंग पर बैन होने के बाद यहां पर अब फ्री मोड में जो टीवी, शॉर्ट ड्रामा एपिसोड आदि उपलब्ध करवाया जाता है। जिसके लिए यूजर्स से चार्ज किया जाता है। क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी इसका एड करते रहे हैं। हर साल गेमर्स 20 हजार करोड़ गंवाते हैं

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HP 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी:AI पर फोकस बढ़ाने के लिए स्ट्रक्चरिंग, कंपनी की ₹8,927 करोड़ की सेविंग होगी

व्यवसाय | HP 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी:AI पर फोकस बढ़ाने के लिए स्ट्रक्चरिंग, कंपनी की ₹8,927 करोड़ की सेविंग होगी

अमेरिकी टेक कंपनी HP इंक ने ग्लोबल लेवल पर 4,000 से 6,000 कर्मचारियों की छंटनी का प्लान बनाया है। कंपनी का यह प्लान FY28 यानी फिस्कल ईयर 2028 के आखिरी तक पूरा होगा। कंपनी का कहना है कि मेमोरी चिप के दामों में तेजी से लागत बढ़ रही है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। साथ ही AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस बढ़ाने के लिए ऑपरेशंस को स्ट्रिमलाइन किया जा रहा है। इससे कंपनी को तीन साल में 1 बिलियन डॉलर यानी 8,927 करोड़ रुपए की ग्रॉस सेविंग होगी। कंपनी के पास अभी करीब 58,000 कर्मचारी HP के CEO एनरिके लोर्स ने मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंटरनल ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट टीम्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। कंपनी के पास अभी करीब 58,000 कर्मचारी हैं। इस साल की शुरुआत में भी कंपनी ने 1,000 से 2,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। मेमोरी चिप के दामों ने मुश्किलें बढ़ाईं टेक सेक्टर में मेमोरी चिप की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, खासकर डेटा सेंटर्स की वजह से ऐसा हो रहा है। मोर्गन स्टैनली के एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि इससे HP, डेल और एसर जैसी कंपनियों पर प्रॉफिट का दबाव बढ़ेगा। HP का कहना है कि PC सेल्स साइकल के फायदे को ये बढ़ते खर्च कैंसल कर रहे हैं। कंपनी ने बताया कि पहले हाफ में इन्वेंटरी की वजह से असर कम रहेगा, लेकिन सेकंड हाफ में सतर्क रहेंगे। लोर्स ने कहा, 'हम ज्यादा मेमोरी सप्लायर्स जोड़ रहे हैं, जहां जरूरी न हो वहां मेमोरी कम कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर प्रयास बढ़ा रहे हैं।' इसके अलावा नॉर्थ अमेरिका के लिए प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग चीन से बाहर शिफ्ट की जा रही है, ताकि टैरिफ का असर कम हो। चौथे क्वार्टर में HP की सेल्स 4.2% बढ़ी थी फिस्कल फोर्थ यानी चौथे क्वार्टर में HP की सेल्स 4.2% बढ़कर 14.6 बिलियन डॉलर यानी 1.30 लाख करोड़ रुपए रही। PC यूनिट की कमाई 8% ऊपर गई, क्योंकि विंडोज 11 मशीन्स और AI PCs की डिमांड बढ़ी है। AI वाले PCs ने Q4 में 30% से ज्यादा शिपमेंट्स कवर किए। लेकिन प्रिंटर यूनिट की सेल्स 4% गिरकर 4.27 बिलियन डॉलर यानी 38,111 करोड़ रुपए रह गई। एडजस्टेड प्रॉफिट 93% प्रति शेयर रहा, जो एनालिस्ट्स के 92% के अनुमान से थोड़ा बेहतर था। HP AI को प्रोडक्ट डेवलपमेंट तेज करने, कस्टमर सैटिस्फैक्शन बढ़ाने और प्रोडक्टिविटी सुधारने के लिए इस्तेमाल करेगी। लोर्स ने कहा, 'यह कदम उठाना जरूरी है ताकि कंपनी कॉम्पिटिटिव बनी रहे।' 3 साल पहले भी HP ने 6,000 कर्मचारियों को निकाला था तीन साल पहले भी HP ने 4,000 से 6,000 नौकरियां कम करने का प्लान किया था, जब कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 61,000 थी। उससे 2.2 बिलियन डॉलर (19,634 करोड़ रुपए) की सेविंग हुई थी। अभी के प्लान से 650 मिलियन डॉलर (5,801 करोड़ रुपए) के रिस्ट्रक्चरिंग चार्जेस होंगे, जिसमें FY26 में 250 मिलियन डॉलर (2,231 करोड़ रुपए) शामिल हैं। कंपनी का अनुमान है कि पूरे साल का एडजस्टेड प्रॉफिट $2.90 (258 रुपए) से $3.20 (285 रुपए) प्रति शेयर रहेगा, जबकि एनालिस्ट्स $3.32 (296 रुपए) की उम्मीद कर रहे थे। जनवरी तक खत्म होने वाले पीरियड में एनालिस्ट्स के 78% के मुकाबले 73% से 81% प्रति शेयर का प्रॉफिट दिखेगा। टेक सेक्टर में छंटनी का सिलसिला जारी टेक इंडस्ट्री में नौकरियां कम करने का ट्रेंड चल रहा है। अमेजन ने हाल ही में 14,000 से ज्यादा जॉब्स कट किए हैं, जो उसके 3.5 लाख कॉर्पोरेट एम्प्लॉई का करीब 10% है। पैनडेमिक के दौरान हायरिंग बढ़ाने के बाद अब खर्च कंट्रोल करने की कोशिश हो रही है। मेटा ने भी AI ऑपरेशंस में सैकड़ों रोल्स खत्म किए। एपल ने भी सेल्स डिविजन में रीऑर्गनाइजेशन के तहत दर्जनों एम्प्लॉई को पिंक स्लिप थमाई है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 20 रोल्स पहले ही चले गए हैं। HP की छंटनी भी इसी चेन का हिस्सा है। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेजन ने पैनडेमिक के बाद 30,000 कॉर्पोरेट पोजिशंस कम किए हैं। भविष्य में क्या असर होगा? HP को तीन साल में 1 बिलियन डॉलर की सेविंग से फायदा होगा, लेकिन शॉर्ट टर्म में रिस्ट्रक्चरिंग कॉस्ट्स प्रेशर डालेंगी। AI PCs की ग्रोथ से PC सेगमेंट मजबूत रहेगा, लेकिन मेमोरी चिप प्रॉब्लम सेकंड हाफ में चुनौती बनेगी। लोर्स ने कहा, 'हम गाइडेंस पर सतर्क रहेंगे, लेकिन एग्रेसिव एक्शंस ले रहे हैं।' एनालिस्ट्स का मानना है कि मेमोरी प्राइसेज अगर कंट्रोल न हुए तो प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ेगा। कंपनी AI इनोवेशन पर फोकस करके मार्केट शेयर बढ़ाने की कोशिश करेगी। ग्लोबल वर्कफोर्स पर 7%-10% का असर पड़ेगा, जो टेक सेक्टर के ओवरऑल ट्रेंड को दिखाता है। ये खबर भी पढ़ें... नैनो-बनाना प्रो से अब फर्जी आधार और पैन-कार्ड बन रहे: फोटो-नाम और डिटेल्स डालकर रियल जैसे बन जाते हैं डॉक्यूमेंट्स, गूगल की सेफ्टी गाइडलाइंस पर सवाल गूगल का नया AI मॉडल नैनो बनाना प्रो तेजी से पॉपुलर हो रहा है, लेकिन इससे अब फर्जी आधार और पैन कार्ड भी जनरेट किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बात सामने आई कि ये मॉडल यूजर्स के प्रॉम्प्ट पर बिना किसी चेतावनी के रियलिस्टिक लुकिंग डॉक्यूमेंट बना देता है। इसमें यूजर का फोटो, फर्जी नाम और ID नंबर्स सब कुछ रियल ID की तरह ऐड हो जाते हैं। ये प्राइवेसी और फ्रॉड का बड़ा खतरा पैदा कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें...

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